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दशहरा न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए गौरव का दिन है – समता सागर जी

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कटनी प.पू. निर्यापक मुनि समता सागर जी महाराज ने धर्मसभा में बतलाया कि आज का दिन केवल भारत के लिये ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण दुनिया के लिए गौरव का दिन है क्यों कि आज के दिन मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम ने अधर्म पर धर्म की जीत और अन्याय पर न्याय की विजय प्राप्त की थी।

इसलिए भारत ही नहीं पूरे संसार में विजयदशमी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। उक्त आशय के उद्गार सरस्वती शिशु मंदिर मंे आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक सभा को सम्बोधित करते हुये मुनि श्री ने आगे कहा कि आज के दिवस को विजयादशामी के साथ दशहरा क्यों कहा जाता है क्यों कि छल के दस चेहरों को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम ने हरा था।

इसलिए आज का दिवस दशहरा कहलाया। उन्होने ने आगे कहा कि युद्ध क्षेत्र में सभी को चिंता थी कि रावण रथ के साथ है और श्रीराम के पास रथ नहीं ऐसे में श्रीराम युद्ध कैसे जीतेगे किन्तु मैं कहता हूं कि श्रीराम को किसी रथ की जरूरत नहीं थी क्यों कि उन्हें जन्म से ही दशरथ मिले हुये थे, मुनिश्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयसेवक संघ अनुशासित संस्था होने के कारण राष्ट्र की समर्पित भावों से सेवा में संलग्न है।

धर्मसभा को सम्बोधित करते हुये मुनि श्री महासागर महाराज ने बतलाया कि राष्ट्र सर्वोपर है राष्ट्र की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है क्यों कि राष्ट्र सभी धर्मो का आश्रयदाता कहलाता है हमारा भारत विश्व गुरू बनेगा इसमें दो मत नहीं हमें संगठन के माध्यम से ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे हमारा भारत अंदर से मजबूत बनें आज भारत इतना सशक्त है कि कोई हमारी ओर हमारी ओर आंख दिखाने की हिम्मत नहीं कर सकता।

उन्होने ने आगे कहा इसके लिए समाज एवं जनता को जागृत होना पड़ेगा। मुनिश्री ने आगे बतलाया कि आज भारत में गरीबी इसलिए है कि यहां का मजदूर नशा आदि के व्यसन करता है जिससे उसकी आय का अधिकांश भाग शराब,गुटका आदि का सेवन करने से समाप्त हो जाता है यदि वह व्यसनों का त्याग कर जीवन जिये तो वह समृद्ध बन सकता है।

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