भोपाल। मध्यप्रदेश की राजनीति में जहां एक एक विधायक महत्वपूर्ण है वहां एक बार फिर अंक गणित पर बहस शुरू हो गई है। दरअसल यहां कांग्रेस और भाजपा को बहुमत नहीं मिला अलबत्ता 4 विधायकों के समर्थन से सरकार कांग्रेस ने बना ली जिसमे सपा बसपा के अलावा निर्दलीय शामिल हैं किंतु जौरा में कांग्रेस विधायक बनवारीलाल शर्मा के निधन और अब आगर से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद संख्या में दोनो ही दलों के एक एक विधायक कम हो गए हैं।
बनवारीलाल शर्मा
अब मुरैना जिले की जौरा के बाद आगर-मालवा जिले की आगर विधानसभा सीट के लिए भी उपचुनाव होगा। जौरा से कांग्रेस विधायक बनवारीलाल शर्मा का भी लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। विधानसभा सचिवालय जौरा सीट को रिक्त घोषित कर चुका है।
इसी के साथ विधानसभा में कांग्रेस व भाजपा के एक-एक विधायक कम हो गए हैं। 230 सदस्यों वाली विधानसभा में अब 228 सदस्य बचे हैं। इनमें कांग्रेस के 114, भाजपा के 107 और सात अन्य (बसपा के दो, सपा से एक और चार निर्दलीय) विधायक हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व मंत्री, आगर से विधायक और अत्यंत लोकप्रिय नेता, जो सहज, सरल और समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे। उनके असमय निधन से मध्य प्रदेश की जनता ने अपने प्रिय सेवक को खोया है।
उनका पूरा जीवन प्रदेश एवं देशवासियों की सेवा में समर्पित रहा। उनका निधन पूरे मध्य प्रदेश की क्षति है। वे मेरे मित्र, भाई व निकट सहयोगी थे।
हर जिम्मेदारी निभाई : भार्गव
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि ऊंटवाल 1980 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर राष्ट्रसेवा में लगे रहे। मालवा क्षेत्र के लोकप्रिय एवं कद्दावर नेता होने के साथ-साथ जनहित को सर्वोपरि मानकर पूर्ण सक्रियता से काम करने वाले जनसेवक थे। पार्टी ने उन्हें जो भी जिम्मेदारी दी, उसे उन्होंने पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया।