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खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र अपने साथ कई विशेष संयोग लेकर आया

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दीपावली खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र अपने साथ कई विशेष संयोग लेकर आया है। दीपावली के सात दिन पहले खरीदी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र 24 घंटे 40 मिनिट रहेगा। इस बार नक्षत्रों के राजा पुष्य शनिवार और रविवार को आने से शनि और रवि पुष्य का संयोग बनेगा। इस दौरान सर्वार्थसिद्धि, रवि, और बुधादित्य योग रहेगा। इसमें सोना-चांदी, भूमि-भवन,खाता बही के साथ सभी प्रकार की चल-अचल संपत्ति की खरीदारी चिर स्थायी लाभ प्रदान करेगी।

शहर के बाजार भी दो दिन खरीदारों से गुलजार रहेंगे। ज्योर्तिविदो के अनुसार पुष्य नक्षत्र 7 नवम्बर शनिवार को सुबह 8:04 बजे शुरू होगा जो अगले दिन 8 नवम्बर रविवार को सुबह 8:44 बजे तक रहेगा। इसके चलते दोनो दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा। इस दौरान सोना-चांदी के आभूषण, खाता-बही, भूमि-भवन, दुकान, बर्तन, वाहन, फर्नीचर व घर की सजावट की सामग्री की खरीदारी करना लाभदायक रहेगा। ज्योर्तिविद् देवेंद्र कुशवाह के अनुसार पुष्य नक्षत्र को पोषण देने वाला माना जाता है। इसमें की गई खरीदी सुख-समृद्धि प्रदान करती है। ज्योतिष शास्त्र में पुष्य और अश्विनी नक्षत्र औषधि बनाने व प्रयोग के लिए उत्तम माने गए हैं।

रवि पुष्य नक्षत्र को औषधि प्रयोग एवं मंत्र – तंत्र सिद्धि हेतु श्रेष्ठतम मुहूर्त्त माना गया है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। यह समस्त नक्षत्रों का सम्राट है जो सभी प्रकार के दोषों को नष्ट करता है। पुष्य नक्षत्र ग्रह विरुद्ध होने पर भी सम्पूर्ण कार्यों की सिद्धि करता है।

शनिवार को खरीदी के मुहूर्त

चंचल: दोपहर 12:40 से 2:09 बजे तक।

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