कोलकाता। स्कूली बच्चों के लिए अच्छी खबर है। सरकार उनका पाठ्यक्रम आधा करने जा रही है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़केर ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अहम बदलाव करने का फैसला लिया है। जावड़ेकर ने ऐलान किया है कि 2019 के शैक्षणिक सत्र से एनसीईआरटी (NCERT) के पाठ्यक्रम को घटाकर आधा कर दिया जाएगा। यानी अगले सत्र से छात्र-छात्राओं पर पाठ्यक्रम का अधिक बोझ नहीं पड़ेगा।
जावड़ेकर ने कहा, पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ बच्चों के लिए फिजिकल एजुकेशन, जीवन कौशल और मूल्यपरक शिक्षा की भी आवश्यकता होती है। शिक्षा का मतलब केवल याद करना या उत्तर पुस्तिका में लिखना भर नहीं होता है। शिक्षा व्यापक है। एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम बेहद जटिल होता है, इसलिए सरकार ने इसे घटाकर आधा करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने आगे कहा, मानसून सत्र में छठी से आठवी कक्षा तक बच्चों को लेकर पास-फेल का संशोधन भी लाया जाएगा। यह संशोधन ‘राइट टू एजुकेशन एक्ट 2009’ के तहत लाने का फैसला किया गया है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे को कैबिनेट के सामने इस महीने के अंत में पेश किया जाएगा।
बच्चों से अब गणित का डर दूर भगाएगी सरकार
इससे पहले मानव संसाधन मंत्री के हवाले से खबर आई थी कि सरकार स्कूली बच्चों से गणित के डर को दूर भगाएगी। सरकार ने गुजरात के शिक्षा मंत्री की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का फैसला लिया है। तीन महीने में समिति गणित को आसान और रोचक बनाने को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सरकार ने स्कूली शिक्षकों के प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने की फैसला लिया है। इसे लेकर भी तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री की अगुवाई में एक समिति गठित की जाएगी। एनसीईआरटी की सालाना कार्यकारी बैठक में यह फैसला लिया गया है।
अगले साल से किताबों में होगा क्यूआर कोड
एनसीईआरटी की प्रकाशित पाठ्य पुस्तकों पर अगले साल से क्यूआर कोड भी होगा। क्यूआर कोड से फिल्म या संबंधित पाठ विषयों का वेब लिंक मुहैया कराया जाएगा जिससे छात्रों को विषय समझने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकारी देते हुए कहा था कि 2019 से एनसीईआरटी की किताबें क्यूआर कोड से लैस होंगी। यह कोड छात्रों को अध्याय समझाने के लिए फिल्मों और अतिरिक्त सामग्री से संपर्क साधने में मदद करेगा।
बता दें कि क्यूआर कोड सफेद और काले रंग के स्क्वेयर्स से बना होता जिसके उपयोग अक्सर किसी यूआरएल या अन्य जानकारी को स्टोर करने के लिए किया जाता है। कैमरे की मदद से यूजर इस क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने मोबाइल या लैपटॉप पर वो जानकारी देख सकता है।
