NEET Exam 2024: नीट की तैयारी के लिए अपनी कक्षा 11th, 12th के कोर्स से बाहर की पढ़ाई नहीं करनी होगी; पाठ्यक्रम हुआ छोटा

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NEET Exam 2024: नीट की तैयारी के लिए अपनी कक्षा 11th, 12th के कोर्स से बाहर की पढाई नहीं; पाठ्यक्रम छोटा हुआ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए)ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राज्य बोर्डों के पाठ्यक्रम के साथ तालमेल बैठाते हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट के (एनईईटी-यूजी) पाठ्यक्रम को छोटा कर दिया है।एनटीए द्वारा एनईईटी-यूजी पाठ्यक्रम में बदलाव की अधिसूचना से विद्यार्थियों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि बदलावों की घोषणा परीक्षा से काफी पहले ही कर दी गई है।

नीट पांच मई 2024 को आयोजित

नीट पांच मई 2024 को आयोजित किया जाएगा। अब उम्मीदवारों को अंतिम समय में बदलावों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्हें परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी कक्षा 11-12 के पाठ्यक्रम से बाहर नहीं जाना होगा। इस निर्णय को लेकर नवदुनिया ने नीट की तैयारी कर रहे शहर के विद्यार्थी और शिक्षकों से बदलावाें के सकारात्मक और नकारात्मक पक्षों के बारे में जाना।

सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में जीव विज्ञान की शिक्षक आशा बैस ने कहा कि यह बदलाव छात्रों के लिए फायदेमंद है। उन्हें अपने स्कूल के पाठ्यक्रम से अधिक कुछ भी नहीं पढ़ना होगा। नीट में कुछ अध्यायों को हटा कर उन विषयों से बदल दिया गया है जिन्हें समझने के लिए समझ और तार्किक तर्क की आवश्यकता होती है।

स्कूल की किताबों पर ध्यान केंद्रित

एक कोचिंग संस्थान के शिक्षक ऋषिकेश शर्मा ने कहा कि नए पाठ्यक्रम के साथ छात्र सिर्फ अपनी स्कूल की किताबों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुसार एनसीईआरटी पुस्तकों में जो बदलाव किए गए थे, उन्हें अब एनईईटी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

पर्यावरण रसायन विज्ञान, हाइड्रोजन, एस-ब्लाक तत्व जैसे विषयों में मुख्य रूप से रटना होता है, उन्हें हटा दिया गया

कुछ पुराने विषय हटा दिए गए हैं।वहीं एक निजी कोचिंग के डायरेक्टर रणधीर सिंह ने कहा कि जिन विषयों पर ध्यान देने की आवश्यकता थी उन्हें हटा दिया गया है और जिन विषयों पर तार्किक सोच की आवश्यकता है उन्हें जोड़ा गया है। यह बदलाव विद्यार्थियों के पक्ष में जाता है। रणधीर ने कहा कि पर्यावरण रसायन विज्ञान, हाइड्रोजन, एस-ब्लाक तत्व जैसे विषयों में मुख्य रूप से रटना होता है, उन्हें हटा दिया गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि पाचन और अवशोषण विषय को हटाना चौंकाने वाला है, क्योंकि यह एमबीबीएस पाठ्यक्रम में भी शामिल है।

विद्यार्थी अभी असमंजस में- वहीं नीट की तैयारी कर रहे 12वीं कक्षा के छात्र अखिलेश का विचार थोड़ा अलग था। उनका कहना था कि कुछ विषयों को हटा दिया गया है, लेकिन हमें अभी भी उनका अध्ययन करना होगा, क्योंकि वे मौलिक विषय हैं और उनके बिना अन्य विषयों को समझना मुश्किल होगा। एक अन्य छात्र अथर्व ने बताया कि जेईई की परीक्षा होने के बाद ही पता चलेगा कि किन विषयों को हटाया गया है, क्योंकि यह बदलाव जईई में भी लागू हुआ है।