MP में लगेगा ‘फायर टैक्स’: अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए संपत्ति कर पर वसूला जाएगा उपकर
भोपाल: मध्य प्रदेश में फायर ब्रिगेड और अग्निशमन सेवाओं के बुनियादी ढाँचे (Infrastructure) को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार नया ‘फायर टैक्स’ (अग्निशमन उपकर/Cess) लागू करने जा रही है। यह कर (Cess) उन सभी जमीनों और इमारतों पर लागू होगा जो संपत्ति कर (Property Tax) के दायरे में आती हैं।
टैक्स की दरें और नियम
फायर सेस की दर संपत्ति कर की न्यूनतम 2 प्रतिशत होगी, या राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जो भी दरें निर्धारित की जाएंगी, उसके अनुसार वसूल की जाएगी। जिन आवासीय संपत्तियों (Residential Properties) को संपत्ति कर से छूट प्राप्त है, उन्हें इस फायर उपकर से भी पूर्ण छूट मिलेगी।MP में लगेगा ‘फायर टैक्स’: अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए संपत्ति कर पर वसूला जाएगा उपकर
क्यों लागू किया जा रहा है फायर उपकर?
सरकार द्वारा जुटाए गए इस उपकर की राशि का उपयोग प्रदेश में फायर ब्रिगेड तंत्र को आधुनिक बनाने, हाई-टेक अग्निशमन उपकरणों की खरीद और फायर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।











