katni नदी के तट पर भजनों की लहरियां व भगवान वरुण देव के गूंजे जयकारे, चालिहा महोत्सव पर कटायेघाट के तट पर दिखा सिंधु नदी का नज़ारा

नदी के तट पर भजनों की लहरियां व भगवान वरुण देव के गूंजे जयकारे, चालिहा महोत्सव पर कटायेघाट के तट पर दिखा सिंधु नदी का नज़ारा

कटनी । झूलेलाल चालिहा महोत्सव समिति द्वारा गुरुनानक वार्ड स्थित झूलेलाल मंदिर में मनाया जा रहा झूलेलाल चालिहा महोत्सव की श्रृंखला में रविवार को विविध धार्मिक आयोजन हुए।

सुबह 9 बजे से कटायेघाट के तट पर जल देवता की पूजा अर्चना, भजन कीर्तन अखों – पल्लव, आरती व दीपदान का आयोजन किया गया। उपस्थित भारी जन समूह के बीच धर्ममय अद्भुत नजारा दिखा।समाज सेवी संजय खूबचंदानी ने बताया कि जल देवता से देश की खुशहाली व भरपूर बारिश की कामना की गई।

अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस मौके पर नदी के पावन तट में जमकर भजनों की लहरियां व भगवान वरुण देव के जयकारे गूंजे। बड़ी संख्या में सिंधी समाज सहित अन्य समाज के लोगों की उपस्थिति रही। इस मोके पर त्रिलोकचंद भोजवानी, महेश बहलानी, अमर चेतवानी, नेवंद खूबचंदानी, गोविंद सचदेवा, गिरधारी लाल पोपटानी मनोहरलाल बजाज, नारायणदास तीर्थानी, गोप मोटवानी नानक ख़ूबचंदानी, मनोहर ऊधवानी अशोक बजाज , धन्य कुमार गांधी, राजकुमार खियानी, अजय केसवानी,अमृत सेवलानी अमृत तनवानी , संजय ख़ूबचंदानी, लखमी भाटिया, अशोक पृथ्यानी ,बसंत नारायण वलेचा , सुरेश बजाज, बालचंद चेतवानी ,गोतम गलानीं प्रेम जसूजा ,राजेश बनवारी , मनीष मोटवानी पं जुगल किशोर पांडेय नरेश छाबड़ा, अमर पंजवानी व सिंधी भवरण ग्रुप एवं सुपर ग्रुप के सभी सदस्य ,आदि उपस्थित रहे ।

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