जल गंगा संवर्धन अभियान: ग्राम जुहला में जल संवाद और श्रमदान से तालाब गहरीकरण का कड़ा कार्य; सामूहिक प्रयासों से जल संकट को हराने का संकल्प

जल गंगा संवर्धन अभियान: ग्राम जुहला में जल संवाद और श्रमदान से तालाब गहरीकरण का कड़ा कार्य; सामूहिक प्रयासों से जल संकट को हराने का संकल्प

जल गंगा संवर्धन अभियान: ग्राम जुहला में जल संवाद और श्रमदान से तालाब गहरीकरण का कड़ा कार्य; सामूहिक प्रयासों से जल संकट को हराने का संकल्प

कटनी: मध्य प्रदेश में जल स्रोतों के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण के विधिक विन्यास को मजबूत करते हुए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत एक बेहद सराहनीय और कड़क जमीनी पहल सामने आई है। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद (विकासखंड कटनी) के सेक्टर क्रमांक 3 कन्हवारा के अंतर्गत आने वाले ग्राम जुहला में अभियान के द्वितीय (दूसरे) चरण के तहत जनभागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया गया।

ग्राम पंचायत के विधिक समन्वय से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में न केवल ग्रामीणों के साथ जल संवाद स्थापित किया गया, बल्कि स्थानीय प्राचीन तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर श्रमदान कर गहरीकरण का कार्य संपन्न किया गया।

 जल संवाद: ग्रामीणों को समझाया बूंद-बूंद का कड़ा विधिक महत्व

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पर्यावरण विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद (जल संवाद) स्थापित किया:

तालाब गहरीकरण के लिए महा-श्रमदान और कड़ा संकल्प

संवाद के बाद पूरा गांव एकजुट होकर स्थानीय तालाब की ओर कूच कर गया। कड़क चिलचिलाती धूप के बावजूद सभी ग्रामीणों, युवाओं और प्रशासनिक अमले ने मिलकर पूरी लगन के साथ श्रमदान (Voluntary Labour) किया। जल गंगा संवर्धन अभियान: ग्राम जुहला में जल संवाद और श्रमदान से तालाब गहरीकरण का कड़ा कार्य; सामूहिक प्रयासों से जल संकट को हराने का संकल्प

सामूहिक विन्यास का संदेश: ग्रामीणों ने फावड़े और तगाड़ी थामकर तालाब की तली में जमी सालों पुरानी गाद और मिट्टी को बाहर निकाला, जिससे आगामी मानसून में तालाब की जल भराव क्षमता (Water Capacity) को विधिक रूप से बढ़ाया जा सके। सभी उपस्थित जनसमूह ने इस दौरान जल संरक्षण के इस पवित्र अभियान को निरंतर सफल बनाने का एक कड़ा और सामूहिक संकल्प भी लिया।

 प्रशासनिक व सामाजिक विन्यास: कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य जन

इस महा-अभियान और श्रमदान के मौके पर क्षेत्र के कई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता विधिक रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया:

इन मुख्य अतिथियों के साथ ही बहुत बड़ी संख्या में जागरूक ग्रामवासी इस पुनीत कार्य का हिस्सा बने।

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