भ्रूण लिंग परीक्षण पर कड़ाई, सोनोग्राफी सेंटरों की होगी सख्त निगरानी: कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए पीसीपीएनडीटी बैठक में कड़े निर्देश
कटनी : कटनी जिले में प्रसव पूर्व भ्रूण लिंग परीक्षण की रोकथाम और गर्भवती महिलाओं को सुलभ, सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से जिला सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट में आयोजित इस पीसी एंड पीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट की बैठक में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट का मुख्य ध्येय केवल भ्रूण लिंग परीक्षण रोकना ही नहीं, बल्कि प्रसव पूर्व जांच सेवाओं को पारदर्शी और सुचारू बनाकर गर्भवती महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना भी है।
निजी सोनोग्राफी सेंटरों पर रखी जाएगी पैनी नजर
बैठक के दौरान जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम और निजी सोनोग्राफी सेंटरों की नियमित निगरानी पर विस्तार से चर्चा की गई:
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समय पर देनी होगी ANC रिपोर्ट: कलेक्टर ने जिले के सभी निजी सोनोग्राफी सेंटरों से एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) की जानकारी निर्धारित प्रारूप में समय-सीमा के भीतर लेने के निर्देश दिए।
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निःशुल्क सोनोग्राफी सुविधा: संबद्ध निजी सोनोग्राफी सेंटरों के माध्यम से पात्र गर्भवती महिलाओं को आसानी से सोनोग्राफी सेवा मिले, इसके लिए जरूरी सहमति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।
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सोनोग्राफी मशीन दान की प्रक्रिया: डॉ. उमा निगम द्वारा अपनी पुरानी सोनोग्राफी मशीन दान करने के प्रस्ताव पर कलेक्टर ने मशीन की तकनीकी जांच कराकर नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
5 आवेदनों का तुरंत निपटारा और नसबंदी फेलियर के 12 केस भोपाल भेजे
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लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी: एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्राप्त 4 एडिट और 1 रिन्युवल आवेदन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने तुरंत नियमानुसार निराकरण कर लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए।
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₹30 हजार की क्षतिपूर्ति: राष्ट्रीय परिवार कल्याण क्षतिपूर्ति योजना के तहत नसबंदी फेल होने के 12 प्रकरणों को जिला कमेटी से मंजूरी के बाद राज्य क्वालिटी इंश्योरेंस कमेटी, भोपाल भेजा गया है। राज्य स्तर से हरी झंडी मिलते ही प्रत्येक पात्र हितग्राही को 30-30 हजार रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
“भ्रूण लिंग जांच गंभीर अपराध, सतर्क रहे अमला”
कलेक्टर आशीष तिवारी ने संतोष जताया कि कटनी में वर्तमान में भ्रूण लिंग परीक्षण संबंधी कोई शिकायत नहीं है, लेकिन इस स्थिति को बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भस्थ शिशु के लिंग की जांच करना कानूनन गंभीर अपराध है और इसमें लिप्त पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रमुख रूप से रहे मौजूद
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राज सिंह ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, डॉ. आर्यन तिवारी, स्त्री रोग विशेषज्ञ व समिति सदस्य डॉ. मनीष मिश्रा, डॉ. उमा निगम, जनसंपर्क अधिकारी मनोज श्रीवास्तव, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एल.एल. अग्रवाल, डॉ. आर.के. अठया, डॉ. अनिल वाटवे सहित कई चिकित्सक एवं पीएनडीटी समिति के सदस्य उपस्थित थे। भ्रूण लिंग परीक्षण पर कड़ाई, सोनोग्राफी सेंटरों की होगी सख्त निगरानी: कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए पीसीपीएनडीटी बैठक में कड़े निर्देश
