यूनुस के लिए फरवरी तक का समय, शेख हसीना से भी बदतर होगा परिणाम!

यूनुस के लिए फरवरी तक का समय, शेख हसीना से भी बदतर होगा परिणाम!

यूनुस के लिए फरवरी तक का समय, शेख हसीना से भी बदतर होगा परिणाम!। बांग्लादेश में चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है. लेकिन अभी भी कई लोग ऐसे हैं, जो मुख्य सलाहकार की मंशा पर शक कर रहे हैं. कृषक श्रमिक जनता लीग के संस्थापक कादर सिद्दीकी ने चेतावनी दी है कि फरवरी में चुनाव न कराने पर मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के लिए अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना से भी ज्यादा गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

यूनुस के लिए फरवरी तक का समय, शेख हसीना से भी बदतर होगा परिणाम!
पिछले एक साल से बांग्लादेश पर यूनुस राज कर रहे हैं. शेख हसीना के देश से भागने के बाद, उन्होंने सत्ता संभालते हुए कहा था कि देश में 6 महीने में चुनाव करा दिए जाएंगे. चुनाव न होने पर देश की राजनीतिकों पार्टियों ने यूनुस के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू किए, जिसके बाद मजबूर होकर यूनुस ने चुनावों की तारीखों का ऐलान किया है।

शनिवार को कादर सिद्दीकी ने कादरिया बाहिनी स्वतंत्रता सेनानियों के मकराई दिवस समारोह में कहा, “मैं प्रोफेसर यूनुस का सम्मान करता हूं, लेकिन यदि फरवरी में चुनाव नहीं हुए तो आपकी किस्मत शेख हसीना से दस गुना बदतर होगी।

यूनुस के चेले पर भी किया हमला

कादर ने अपने संबोधन में यूनुस पर तो हमला किया है साथ ही उनके करीबी नाहिद इस्लाम को संबोधित करते हुए कहा, “अगर बंगबंधु राष्ट्रपिता नहीं हैं, तो आपके पिता कौन हैं? बोलने से पहले अच्छी तरह सोच लीजिए.” उन्होंने ये बात बांग्लादेश की विरासत पर हमलों की निंदा करते हुए कही है, क्योंकि पिछले दिनों में आंतरिक सरकार ने शेख मुजीबुर्रहमान का अपमान किया है।

शेख हसीना के निष्कासन अल्लाह की मर्ज़ी, यूनुस की नहीं- कादर

कादर ने भेदभाव-विरोधी आंदोलन का समर्थन करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि शेख हसीना का निष्कासन अल्लाह की मर्ज़ी से हुआ है, किसी और की मंशा से नहीं.” उन्होंने साफ किया कि इसमें नाहिद या यूनुस मर्ज़ी नहीं थी, बल्कि लोगों के सड़कों पर उतरने की वजह से हुआ है।

साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर आप शेख हसीना के खिलाफ कोई गलत काम करने की कोशिश करेंगे, तो मैं जीते जी उसके खिलाफ लड़ुंगा।

कानून के मुताबिक हो हसीना पर कार्रवाई

शेख हसीना की सजा की मांग पर बोलते हुए कादन ने कहा कि शेख हसीना का फैसला कानून के मुताबिक होना चाहिए, और जरूरत पड़ने पर सजा भी मिले. उन्होंने कहा, “शेख मुजीबुर रहमान और शेख हसीना एक नहीं हैं. जब तक बांग्लादेश रहेगा, जय बांग्ला कायम रहेगा.” उन्होंने आगे कहा, “अगर कोई उनके खिलाफ गलत काम करने की कोशिश करेगा तो मैं जीते जी उसका मुकाबला करूंगा।

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