झपटमारी का 5 दिन में खुलासा: दो नाबालिग आरोपी पकड़े गए, ई-रिक्शा व नकदी बरामद

झपटमारी का 5 दिन में खुलासा: दो नाबालिग आरोपी पकड़े गए, ई-रिक्शा व नकदी बराम

 

कटनी। कोतवाली थाना पुलिस ने झपटमारी की वारदात का महज पांच दिनों में खुलासा करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा, झपटा गया बैग, दस्तावेज तथा शेष नकदी बरामद कर ली है। दोनों आरोपियों को किशोर न्याय बोर्ड में पेश किए जाने के बाद बाल सुधार गृह भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले में चोरी, झपटमारी, लूट एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस के अनुसार, राममनोहर लोहिया वार्ड निवासी चन्द्रशेखर गुप्ता (62) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 25 जुलाई की रात करीब 11 बजे रविदास चौक से अपने घर नदीपार पैदल जा रहे थे। उनके कंधे पर टंगा बैग, जिसमें वेतन के 11 हजार रुपये नकद, रेनकोट, दुकान के दस्तावेज, डायरी एवं कुछ सिक्के रखे थे, जालपा मेडिकल के पास पीछे से आए एक ई-रिक्शा में सवार युवक ने झपट लिया। वारदात के बाद ई-रिक्शा चालक वाहन को तेज गति से चांडक चौक की ओर लेकर फरार हो गया। रिश्तेदारी में बाहर होने के कारण फरियादी ने बाद में थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर कोतवाली थाना में प्रकरण कायम कर विवेचना शुरू की गई।

थाना प्रभारी राखी पाण्डेय के नेतृत्व में बस स्टैंड चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नेहा मोर्या एवं पुलिस टीम ने मुखबिरों को सक्रिय कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा के साथ दो संदिग्ध नाबालिग सोनी के बगीचा क्षेत्र में मौजूद हैं।

पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने झपटमारी की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि लूटी गई राशि आपस में बांट ली थी तथा बैग और दस्तावेज मुक्तिधाम के पास फेंक दिए थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने ई-रिक्शा, बैग, दस्तावेज और बची हुई नकदी बरामद कर ली।

दोनों विधि-विरुद्ध बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेजने के आदेश दिए गए।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय, उपनिरीक्षक नेहा मोर्या, सहायक उपनिरीक्षक दीपेन्द्र शर्मा, प्रधान आरक्षक मनोज पटेल, अनिल सेंगर, वीरेन्द्र सिंह, विरेन्द्र तिवारी तथा आरक्षक महेश चौधरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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