कछगंवा में सिमको कम्पनी के केशियर को भट्टा में डालने बाले पांच आरोपियों को आजीवन कारावास नवम् अपर  जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला 

कछगंवा में सिमको कम्पनी के केशियर को भट्टा में डालने बाले पांच आरोपियों को आजीवन कारावास नवम् अपर  जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला

कटनी-माननीय न्यायालय नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी द्वारा थाना कुठला के अपराध क्रमांक 529/2024, जपल्य एवं सनसनी खेज चिन्हित सत्र प्रकरण क्रमांक 142/2024 में आरोपीगण आशीष सिंह गोड, विनोद सिंह गोड, रेजील उर्फ गोलू सिंह गौड, समन सिंह गौड, बृजरानी सिंह गॉड को दोषसिद्ध करते हुये आरोपीगण आशीष सिंह ठाकुर, विनोद सिंह गोंड, रंजीत उर्फ गोलू सिंह गौड, सनम सिंह गौड को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000/-रूपये (पृथक-पृथक) अर्थदण्ड एवं धारा 458 भादवि, 397 सहपठित धारा 34 में 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000-3000/- रुपये (पृथक-पृथक) अर्थदण्ड एवं धारा 201 सहपठित धारा 34 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000-2000/- रूपये (पृथक-पृथक) अर्थदण्ड एवं आरोपी ब्रजरानी सिंह को धारा 412 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000/- रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियोजक सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग की गई।

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मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग द्वारा जानकारी देकर बताया गया कि सूचनाकर्ता तीरथ विश्वकर्मा ने आरक्षी केंद्र कुठला में दिनाक 20.06. 2024 को उपस्थित होकर इस आशय की सूचना दी कि यह ग्राम मुडेहरा थाना बडवारा में रहता है, प्रायवेट काम करता है. उसके बड़े पिता समन् प्रसाद विश्वकर्मा करीब 25 वर्ष पूर्व से सिमको कंपनी कछगंवा में केशियर के रूप में काम करते थे सप्ताह में एक दिन गांव आते थे. बाकी दिन वहीं कंपनी के कमरे में रहते थे. उनका परिवार गाव में ही रहता है।

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दिनांक 20.06.2024 के सुबह करीबन 8:36 बजे नवीन सिंह राठौर ग्राम मुडेहरा का फोन से उसे बताया कि उस‌के बड़े पिता समनू प्रसाद विश्वकर्मा भ‌ट्टा में नहीं. लो यह बोला कि आज तो उनकी छुटटी का दिन है घर आने का है। उसके बार वह अपने बड़े पिता के मोबाईल में फोन लगाया तो फोन बंद बता रहा था, वह उनका पता करने के लिए उनके परिवार के साथ मोटरसाईकिल से सिमको कंपनी भट्टा आ रहा था, जब देवरा खुर्द पहुंचा तो अमर सिंह का भाजा दीपक जो मुहास में रहता है. फोन से बताया कि तुम्हारे बडे पिताजी को भ‌ट्टा में डाल दिये है। इसके बाद वे लोग सिमको कंपनी के भट्टा आये, भट्टे में भीड़ लगी थी, भट्टे से धुआं निकल रहा था. फिर वहां पर फायर ब्रिगेड आई और भट्टे में पानी डालकर आग को शांत किये और उसके बाद शब को अधजला भट्टे से बाहर निकाला गया शव को उसने पहचाना, उसके बडे पिता समनू प्रसाद विश्वकर्मा का है।

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उसके बड़े पिता समन् प्रसाद विश्वकर्मा को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा हत्या कर चूना के भट्टा में डाल दिया गया है। रिपोर्ट करता है कार्यवाही की जाये। फरियादी द्वारा की गई मौखिक रिपोर्ट पर से थाना कुठला कटली के द्वारा अपराध क-0/24 पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 302 एच 201 भा.दं.सं. के अंतर्गत देहाती नालसी लेखबद्ध की गई। उक्त लेखबद्ध देहाती नालसी के आधार पर देहाती सर्ग इंटीमेशन की कार्यवाही की गई। उक्त लेखबद्ध देहाती मर्ग इंटीमेशन के आधार पर थाना कुठला कटनी के अपराध क 529/2024 पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 302 एवं 201 भा.द.स. के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखवद्ध की गई

अनुसंधान के दौरान साक्षी के पुलिस कथन संखबद्ध किये गये साक्षीगण के पुलिस कथन के आधार पर आरोपी को गिरफ़्तार किया गया आरोपी से मेमोरेण्डम एवं जप्ती की कार्यवाही की गई। सपूर्ण अनुसंधान के उपरात आरोपीगण आशीष सिंह ठाकुर विनोद सिंह गौड, रंजीत उर्फ गोलू, सिंह गौड एवं सनम सिंह गौड एवं यूजरानी सिंह के विरुद्ध धारा 302 201 460 34 120 वी एवं 397 भा.द.स. के. अतर्गत अभियोग पत्र संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष समस्त सारवान साक्षी, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित कराया गया। विशेष लोक अभियोजक के तौ से समस्त होते हुये माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण आशीष सिंह ठाकुर, विनोद सिंह गौड रजीत उर्फ गोलू सिंह गौड, सनम सिंह गौड़ को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000/- रूपये (पृथक-पृथक) अर्थदण्ड एवं धारा 458 आदवि. 397 सहपठित धारा 34 में 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000-3000/- रूपये (पृथक-पृवक) अर्थदण्ड एवं धारा 201 सहपठित धारा 34 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2000-2000/- रुपये (पृथक पृथक) अर्थदण्ड एवं आरोपी बजरानी सिंह को धारा 412 भादवि में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000/-रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।

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