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अपना नाम ऑन लाइन कराने भटक रही रसोइया

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अपना नाम ऑन लाइन कराने भटक रही रसोइय

कटनी /उपनगरीय क्षेत्र स्थित शासकीय माध्यमिक शाला न्यू कटनी जंक्सन में पूर्व में कार्यरत रसोईया द्वारा शालेय मध्यान्ह भोजन वितरण में बरती गयी अब्बल दर्जे की अनियमितता और विद्यालय से आये दिन नदारत रहने के चलते शाला में गठित प्रबंध कार्यकारणी समिति के सदस्यों द्वारा उन्हें विगत जुलाई2024 में ही उसे पृथक करने की कार्यवाही कर दी गयी थी. और उनके स्थान पर नई रसोइया श्रीमती लक्ष्मी रजक को रसोइया के काम पर रख लिया गया था.नई रसोइया द्वारा विगत एक अगस्त 2024 से लगातार काम पर उपस्थित होकर शाला प्रमुख द्वारा सौंपे गये दायित्व का विधिवत निर्वहन की सूचना जनपद विकासखंड शिक्षा कार्यालय को विद्यालय द्वारा देकर संबंधित रसोइया का नाम ऑनलाइन करने का अनुरोध किये महीनों बीत गये हैं .

 

लेकिन विभाग में चल रही मंथरगति की कार्यवाही से आज पर्यन्त तक न तो सिस्टम से पुराने रसोइया का नाम ही पृथक हुआ और न ही नये रसोइया का नाम चढ़ाया गया. परिणामत: जहाँ एक ओर नया रसोई या लगातर तीन माह से नियमित कार्य करने के बाद भी मज़दूरी से हर माह महरूम हो रही है,वहीं दूसरी ओर पुराने रसोइया को निययमानुसार काम से पृथक करने के बाद भी उसके खाते में नये रसोईये के हक की पगार जाने से यहाँ पर अजीबो गरीब स्थिति निर्मित हो रही है. नये रसोईया के हक की मज़दूरी का पैसा वापिस करने के लिये पुराने रसोइया को शालेय शिक्षकों द्वारा समझाइस भी दी गयी,कि उस पैसा पर आपका कोई हक नहीं है, पैसा वापिस कर दो

 

किन्तु वह पैसा वापिस करने से साफ मना कर देती है. यही वजह है, कि वर्तमान में अपनी सेवाएं एन.के. जे. विद्यालय में दे रही नई रसोइया श्रीमती रजक इन दिनों विषम दैनिक परिस्थितियों व मज़बूरीयों के दौर से गुजर रही है. गत दिवस उन्होने अपनी आप बीती समस्या लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिशिर गोमावत से मिलने उनके ऑफिस पहुँचकर संवेदनशील अधिकारी से मिलना भी चाही, पर दुर्भाग्य से लंबे समय तक इंतज़ार के बाद भी उसकी उक्त अधिकारी से मुलाखात नहीं हो सकी. यही कारण है, कि इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शाला प्रबंध कार्यकारणी के सदस्यों ने ज़ब जबाबदेय अधिकारीयों से बात करने की कोशिश किये तो,उन्हें जहाँ एक ओर जनपद शिक्षा केंद्र कटनी से जबाब मिला कि, संबंधित रसोईया का प्रकरण उनके कार्यालय से विगत डेढ़ माह पूर्व ही जिला पंचायत कार्यालय कटनी को संप्रेषित कर दिया गया है,अब प्रकरण में जो कुछ भी होना जाना है, वह जिला पंचायत कार्यालय से ही होगा, वहीं दूसरी ओर ज़ब जिला पंचायत में संबंधित लिपिक श्री पगारे से संपर्क किया गया,तो उन्होंने बताया कि गेंद सी.ई.ओ.साहब के पाले में विगत एक पखवाड़े से है. जैसे ही उनके मेज से फाइल आ जाएगी काम हो जायेगा.अब सवाल ये उठता है, कि आज विकसित मध्यप्रदेश में अगर इसी मंथर गति से शासकीय कार्य चलेंगे,तो उन गरीबों का क्या होगा जो काम तो खुद कर रहे हैं,लेकिन उनके हक की मज़दूरी एक ऐसे महिला के खाते में जा रही है, जो विगत तीन माह से रसोइया कार्य से पूरी तरह बेदखल कर दी गयी है.इस रोजी रोटी से जुड़े प्रकरण में शाला प्रबंधन कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा जिले के संवेदनशील कलेक्टरऔर जिले के विधायकों से आपेक्षित सहयोग की गुजारिश किये हैं .

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