राजस्व निरीक्षक संघ ने नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति देने की मांग

राजस्व निरीक्षक संघ ने नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षकों को पदोन्नति देने की मां

कटनी। मध्यप्रदेश राजस्व निरीक्षक संघ ने नायब तहसीलदार के रिक्त पदों पर राजस्व निरीक्षक संवर्ग के पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं राजस्व मंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया है। संघ ने वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे राजस्व निरीक्षकों के हित में आवश्यक नियम संशोधन कर एक बार में अधिकाधिक रिक्त पदों को पदोन्नति से भरे जाने की मांग की है।

संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार त्रिसोलिया ने बताया कि संघ को प्राप्त जानकारी के अनुसार सीमित विभागीय भर्ती परीक्षा के पदों को छोड़कर नायब तहसीलदार के सीधी भर्ती के 538 पद तथा राजस्व निरीक्षक संवर्ग से पदोन्नति के 22 पद रिक्त हैं। इसी प्रकार नायब तहसीलदार (भू-संसाधन प्रबंधन) के सीधी भर्ती के 69 पद तथा राजस्व निरीक्षक संवर्ग से पदोन्नति के 43 पद रिक्त बताए गए हैं। इस प्रकार कुल 672 पद रिक्त हैं।

संघ ने मांग की है कि नियमों में आवश्यक संशोधन करते हुए एक बार के लिए नायब तहसीलदार के सीधी भर्ती के रिक्त पदों को पदोन्नति हेतु उपयोग में लाकर राजस्व निरीक्षक संवर्ग से पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की जाए।

शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार न्यूनतम होने का दावा

संघ का कहना है कि वर्तमान में राजस्व निरीक्षक संवर्ग के अनेक अधिकारी-कर्मचारी नायब तहसीलदार के समकक्ष वेतनमान अथवा वेतन लाभ प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में पदोन्नति से शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार न्यूनतम रहेगा। साथ ही राजस्व निरीक्षक मैदानी स्तर पर राजस्व प्रशासन का वर्षों का व्यावहारिक एवं विभागीय अनुभव रखते हैं। पदोन्नति मिलने से अनुभवी अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ेगी और प्रशिक्षण में लगने वाले समय एवं संसाधनों की भी बचत होगी।

संघ ने यह भी कहा कि पदोन्नति से राजस्व निरीक्षक संवर्ग का मनोबल बढ़ेगा और राजस्व संबंधी कार्यों सहित शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में दक्षता एवं प्रभावशीलता बढ़ेगी।

वरिष्ठता सूची संशोधित करने की मांग

ज्ञापन में वर्तमान पदक्रम एवं वरिष्ठता सूची को नियमानुसार संशोधित करने की मांग भी की गई है। संघ ने कहा कि दिवंगत, पदच्युत, सेवानिवृत्त अथवा पदोन्नत राजस्व निरीक्षकों के नाम नियमानुसार विलोपित कर शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप संशोधित वरिष्ठता सूची तैयार की जानी चाहिए, जिससे पदोन्नति प्रक्रिया पारदर्शी एवं न्यायसंगत ढंग से संपन्न हो सके।

इसके अलावा संघ ने पदोन्नति से वंचित रहने वाले राजस्व निरीक्षकों के लिए स्टेशनरी भत्ता 2,500 रुपये प्रतिमाह, अतिरिक्त सर्किल भत्ता 10,000 रुपये प्रतिमाह सहित अन्य अनुमन्य सुविधाओं को वर्तमान महंगाई एवं कार्य की प्रकृति के अनुरूप पुनरीक्षित किए जाने की मांग रखी है।

पदोन्नति कोटा 75 प्रतिशत करने की मांग

संघ ने वैकल्पिक रूप से मांग की है कि यदि सभी रिक्त पदों पर पदोन्नति देना संभव नहीं हो, तो राजस्व निरीक्षक संवर्ग के लिए नायब तहसीलदार पद पर निर्धारित पदोन्नति कोटा बढ़ाकर कम से कम 75 प्रतिशत किया जाए, ताकि कम समय में अधिकाधिक पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल सके।

ज्ञापन के माध्यम से संघ ने मुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से राजस्व निरीक्षक संवर्ग के हितों, उनके दीर्घकालीन विभागीय अनुभव तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक नियम संशोधन एवं पदोन्नति की कार्यवाही शीघ्र किए जाने का आग्रह किया है।

ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग तथा आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, मध्यप्रदेश शासन को भी प्रेषित की गई है।

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