राजा रघुवंशी हत्याकांड: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत, पुलिस की कमजोर जांच पर कोर्ट सख्त। चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा मोड़ सामने आया है। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी है। करीब 10 महीने जेल में रहने के बाद वह रिहा हो गई।
कोर्ट ने अपने आदेश में शिलांग पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि विवेचना में कई बड़ी चूक हुई हैं।
कोर्ट ने क्यों दी जमानत?
न्यायालय ने टिप्पणी करते हुए कहा:
- गिरफ्तारी का कारण बताने वाला फॉर्म सही तरीके से नहीं भरा गया
- चालान में अलग-अलग जगह अलग धाराएं लिखी गईं
- ट्रायल में अनावश्यक देरी की गई
इन खामियों के चलते आरोपी को जमानत का लाभ मिल गया।
पिता ने भरी जमानत
दिलचस्प बात यह रही कि सोनम के पिता देवी सिंह, जिन्होंने पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था, वही उसकी जमानत के लिए शिलांग पहुंचे।उन्होंने ₹50 हजार का मुचलका भरा और एक स्थानीय होटल संचालक को जमानती बनवाया।
जेल से रिहा होने के बाद सोनम मीडिया से बिना कुछ बोले पिता के साथ अज्ञात स्थान पर चली गई। अदालत के निर्देश अनुसार उसे फिलहाल शिलांग में ही रहना होगा।
भाई का कड़ा बयान
सोनम के भाई गोविंद ने कहा:
“मैं कल भी उससे नफरत करता था और आज भी करता हूं।”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अदालत ने जमानत दी है, अभी वह बरी नहीं हुई है।
पीड़ित परिवार में नाराजगी
मृतक राजा रघुवंशी के परिवार में इस फैसले से आक्रोश है।
- मां उमा देवी ने कहा, “न्याय अधूरा है।”
- भाई विपिन ने इसे सिस्टम की नाकामी बताते हुए हाई कोर्ट जाने की बात कही
कमजोर होता केस?
इस केस में पहले भी झटका लग चुका है।
साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार लोकेंद्र सिंह तोमर और बलवीर को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है, क्योंकि उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
अब कौन-कौन हैं आरोपी?
मामले में अभी ये आरोपी जेल में हैं:
- राज कुशवाह – कथित प्रेमी, साजिश रचने का आरोप
- विशाल चौहान – हमले में शामिल
- आकाश राजपूत – वारदात में मौजूद
- आनंद कुर्मी – शव ठिकाने लगाने में भूमिका
इस केस में जमानत का फैसला पुलिस जांच की कमजोरियों को उजागर करता है। अब सभी की नजरें आगे की सुनवाई और हाई कोर्ट में संभावित चुनौती पर टिकी हैं।

