बारिश में बिजली बंद होने पर 15 मिनट रखें धैर्य, फिर नोट करें यह व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 0755-2551222; कंपनी की गाइडलाइन जारी
कटनी: मानसून के आगमन के साथ ही आंधी-तूफान और भारी बारिश के कारण बिजली गुल होने (लोकल फॉल्ट) की समस्याएं बढ़ने लगी हैं। ऐसी स्थिति में अंधेरे और विपरीत मौसम में अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली चालू करने वाले लाइनकर्मियों की सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सहूलियत को लेकर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने एक बेहद जरूरी एडवाइजरी जारी की है।
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि फॉल्ट सुधारने में थोड़ा समय लग सकता है, इसलिए धैर्य रखें और बिजली अमले को दोष देने के बजाय उनके काम में सहयोग करें। साथ ही, किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति या बिजली बंद होने की शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1912 और व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 0755-2551222 जारी किया गया है।
क्यों आती है खराबी? समझिए इंसुलेटर चटकने और फीडर बंद होने का विज्ञान
बिजली कंपनी ने तकनीकी कारणों को स्पष्ट करते हुए बताया है कि बारिश में अक्सर बिजली क्यों चली जाती है:
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इंसुलेटर का चटकना: बिजली के खंभों पर लगे सफेद रंग के इंसुलेटर लगातार धूप और बिजली प्रवाह से बेहद गर्म रहते हैं। बारिश की बूंदें पड़ते ही ये अचानक चटक (क्रैक) जाते हैं, जिससे करंट खंभे से होते हुए जमीन में उतरने लगता है।
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ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम: ऐसी स्थिति में बड़ी जानमाल की हानि को रोकने के लिए सब-स्टेशन की ऑटोमैटिक प्रणाली तुरंत एक्टिव हो जाती है और फीडर को बंद (ट्रिप) कर देती है।बारिश में बिजली बंद होने पर 15 मिनट रखें धैर्य, फिर नोट करें यह व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 0755-2551222; कंपनी की गाइडलाइन जारी
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फॉल्ट ढूंढने की चुनौती: आंधी-तूफान और कड़कड़ाती बिजली के बीच अंधेरे में खंभों पर चढ़कर फॉल्ट ढूंढना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। कभी-कभी लाइनमैन को खराबी खोजने के लिए कई किलोमीटर लंबी लाइनों के हर एक पोल की जांच करनी पड़ती है।
घर और तबेले में बरतें ये सावधानियां; जानमाल की हानि से बचें
विद्युत कंपनी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं, विशेषकर पशुपालक किसानों के लिए कड़े सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं:
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घरों के लिए जरूरी उपाय: हर घर में MCB (मिनियेचर सर्किट ब्रेकर) स्विच जरूर लगा होना चाहिए, ताकि शॉर्ट सर्किट होने पर बिजली अपने आप बंद हो जाए। इसके साथ ही घर की अर्थिंग दुरुस्त रखें और गीली दीवारों या सीलन वाली जगहों पर बिजली के उपकरण न रखें।
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पशुपालक भाई रखें विशेष ध्यान: ग्रामीण अंचल के किसान अपने मवेशियों (गायों-भैंसों) को भूलकर भी बिजली के खंभों या सपोर्ट देने वाले स्टे-वायर (लोहे के तार) से न बांधें। अक्सर इनमें करंट उतरने से मूक पशुओं की मौत हो जाती है।
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टूटे तारों से रहें दूर: रास्ते में आंधी से टूटे पड़े बिजली के तारों को कतई हाथ न लगाएं। तत्काल इसकी सूचना लाइनमैन या कंट्रोल रूम को दें। भैंसों के तबेलों के आसपास खुली वायरिंग बिल्कुल न रखें।
📞 शिकायत दर्ज कराने का सही तरीका: बिजली आपूर्ति अवरुद्ध होने पर उपभोक्ता तुरंत फोन लगाने के बजाय 15 से 20 मिनट का धैर्य रखें। यदि बिजली फिर भी न आए, तो बिना देरी किए बिजली कंपनी के कॉल सेंटर 1912 या व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 0755-2551222 अथवा ‘उपाय ऐप’ (UPAY App) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
