दिल्ली में राजनाथ सिंह के आवास पर 4 घंटे चली भाजपा-आरएसएस की बैठक; राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम पर लगी फाइनल मुहर
दिल्ली में राजनाथ सिंह के आवास पर 4 घंटे चली भाजपा-आरएसएस की बैठक; राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम पर लगी फाइनल मुहर
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दिल्ली में राजनाथ सिंह के आवास पर 4 घंटे चली भाजपा-आरएसएस की बैठक; राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम पर लगी फाइनल मुहर
नई दिल्ली: देश की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय संगठन में एक बहुत बड़े और व्यापक फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच सोमवार को देश की राजधानी दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आधिकारिक आवास पर हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश के गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शीर्ष नीति-निर्धारकों ने शिरकत की।
सूत्रों के मुताबिक, करीब चार घंटे से अधिक समय तक चली इस मैराथन बैठक का मुख्य एजेंडा भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई केंद्रीय टीम (New Central Team) के स्वरूप को अंतिम रूप देना था।
संघ और संगठन के शीर्ष दिग्गज रहे मौजूद; नई रणनीति पर मंथन
इस महा-मंथन में सरकार, संगठन और संघ के बीच आगामी सांगठनिक बदलावों और आगामी राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर सघन समन्वय (Coordination) देखा गया।
प्रमुख चेहरों की उपस्थिति: बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य रूप से शामिल हुए।
संघ का दृष्टिकोण: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के बीच सेतु (मजबूत कड़ी) की भूमिका निभाने वाले आरएसएस के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार भी बैठक में मौजूद रहे, जिन्होंने इस नई टीम को लेकर संघ के विचारों और प्राथमिकताओं को सामने रखा।
नितिन नबीन की नई टीम: युवाओं और सोशल इंजीनियरिंग पर रहेगा फोकस
इस साल जनवरी में कमान संभालने वाले भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम का ऐलान 20 से 21 जून के आसपास होने की प्रबल संभावना है। सूत्रों के हवाले से इस नई टीम को लेकर कुछ बड़ी बातें सामने आई हैं:
युवाओं को तरजीह: चूंकि नितिन नबीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, इसलिए उनकी नई टीम में देश के कई नए और युवा चेहरों को राष्ट्रीय पदाधिकारी (महामंत्री, उपाध्यक्ष और सचिव) बनाया जा सकता है।
सोशल इंजीनियरिंग: आगामी राज्यों के चुनावों को देखते हुए इस टीम में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों (Social Engineering) का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
मंत्रालय से संगठन में शिफ्टिंग: कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार के कुछ मंत्रियों या वरिष्ठ सांसदों को सरकार से मुक्त कर संगठन में बड़ी और कड़क जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
इस बैठक के ठीक पहले भाजपा ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा जैसे राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर बदलाव के साफ संकेत दे दिए हैं। अब सबकी नजरें आगामी कुछ दिनों में घोषित होने वाली नितिन नबीन की ‘टीम-2026’ पर टिकी हैं।