Oil Route पर जंग के आसार: ‘Operation Strait Shield’ LIVE, अमेरिका-ईरान आमने-सामने, ईरान को सीधी चेतावनी, अगले 72 घंटे बेहद अहम। मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मुज स्ट्रेट में बड़े पैमाने पर सैन्य घेराबंदी शुरू कर दी है। इस ऑपरेशन को ‘Operation Strait Shield’ नाम दिया गया है।
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Oil Route पर जंग के आसार: ‘Operation Strait Shield’ LIVE, अमेरिका-ईरान आमने-सामने, ईरान को सीधी चेतावनी, अगले 72 घंटे बेहद अहम
तीन स्तर की सैन्य घेराबंदी
US Central Command ने पूरे क्षेत्र को तीन हिस्सों में बांटकर ब्लॉकेड लागू किया है।
बाहरी घेरा ओमान की खाड़ी में तैनात है, जहां अत्याधुनिक युद्धपोत मिसाइल और हवाई खतरों को दूर से ही ट्रैक कर सकते हैं। मध्य क्षेत्र में परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln तैनात है, जहां से लड़ाकू विमान 24 घंटे निगरानी और कार्रवाई कर रहे हैं। आंतरिक क्षेत्र में समुद्री माइन्स को निष्क्रिय करने के लिए विशेष जहाज और हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं, जबकि पनडुब्बियां समुद्र के नीचे से निगरानी कर रही हैं।
भारी सैन्य तैनाती
इस ऑपरेशन के तहत 15 से ज्यादा युद्धपोत, 150 से अधिक लड़ाकू और निगरानी विमान, n 8,000 से ज्यादा नौसैनिक तैनात किए गए हैं
ईरान को चेतावनी
CENTCOM कमांडर Michael E. Kurilla ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखा जाएगा, लेकिन ईरानी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरान की प्रतिक्रिया का खतरा
ईरान के पास बड़ी संख्या में स्पीड बोट, ड्रोन, मिसाइलें और समुद्री माइन्स हैं, जिससे वह जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
अगले 72 घंटे अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 48 से 72 घंटे बेहद संवेदनशील हैं। अगर हालात बिगड़े तो होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल सप्लाई का केंद्र होने के साथ-साथ युद्ध का मैदान भी बन सकता है। यह घटनाक्रम पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर बड़ा असर डाल सकता है।

