Amul Bengal Investment: बंगाल में अमूल के ₹650 करोड़ के मेगा निवेश की चर्चा तेज; जानें सिंगूर या राणाघाट में से कहाँ लगेगा प्लांट?

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश को लेकर एक बड़ी खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि देश की दिग्गज डेयरी कंपनी ‘अमूल’ (आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड) पश्चिम बंगाल में ₹650 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करने की योजना बना रही है।

इस संभावित मेगा प्रोजेक्ट के तहत अमूल राज्य में अपना पूरी तरह से स्वामित्व वाला (Fully Owned) आधुनिक डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कर सकती है। हालांकि, इस निवेश को लेकर अभी तक अमूल प्रबंधन या मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक या औपचारिक घोषणा (Official Announcement) नहीं की गई है

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इस संभावित निवेश की खबर को हवा तब मिली जब बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर दावे किए:

अर्थव्यवस्था और डेयरी किसानों को कैसे मिलेगा बूस्ट?

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह ₹650 करोड़ का प्रोजेक्ट जमीन पर उतरता है, तो यह बंगाल के मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीकल्चरल सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी:

आधिकारिक मुहर का इंतजार; राजनीतिक माहौल गरमाया

चूंकि पश्चिम बंगाल में ‘उद्योग और रोजगार’ हमेशा से एक बेहद संवेदनशील और बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है (विशेषकर सिंगूर के इतिहास को देखते हुए), इसलिए अमूल के निवेश की इस खबर ने राज्य का सियासी पारा भी चढ़ा दिया है। बीजेपी जहां इसे केंद्र की नीतियों और अपनी पहल से जोड़कर देख रही है, वहीं कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य सरकार भी जल्द ही इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकती है। फिलहाल, उद्योग जगत के दिग्गजों और बंगाल की जनता की नजरें अमूल की ओर से आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।

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