बिखर गई ममता की ‘ममता’- TMC में भारी बगावत के बीच ममता बनर्जी पर FIR, भतीजे अभिषेक से 5 घंटे पूछताछ, फलता में टीएमसी नेता की हाफ पैंट में परेड
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और विस्फोटक खबर सामने आ रही है। चुनावी हार का झटका अभी ठीक से लगा भी नहीं था कि 28 साल पुरानी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ताश के पत्तों की तरह ढहती नजर आ रही है। कोलकाता से लेकर दिल्ली तक ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत की आग भड़क उठी है। विधायक, सांसद और पार्षदों में पार्टी छोड़ने की होड़ मची है। इसी बीच, ममता बनर्जी और उनके परिवार पर चौतरफा कानूनी शिकंजा कस गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता पुलिस ने ही FIR दर्ज कर ली है, वहीं उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी से सीआईडी (CID) ने साढ़े 5 घंटे तक तीखी पूछताछ की है।
1. क्या है पूरा मामला? ममता बनर्जी पर क्यों हुई FIR?
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब कोलकाता के हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ भड़काऊ भाषण देने के आरोप में आधिकारिक तौर पर FIR (नंबर: 0106) दर्ज की गई।
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क्या था भाषण? दरअसल, मार्च 2026 में कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने एक समुदाय विशेष को एकजुट होने की चेतावनी दी थी, जिसके गंभीर परिणाम दूसरों पर होने की बात कही गई थी।
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किन धाराओं में दर्ज हुआ केस? एक स्थानीय व्यवसायी (तुषार कांति दास) की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) (धार्मिक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 352 (जानबूझकर उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया है।
2. भतीजे अभिषेक बनर्जी से 5.5 घंटे पूछताछ, 14 जून को फिर बुलावा
दूसरी तरफ, ममता के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी भी कानूनी चक्रव्यूह में बुरी तरह फंस चुके हैं। फर्जी सिग्नेचर (विधायकों के जाली दस्तखत) मामले में गुरुवार को अभिषेक बनर्जी बंगाल सीआईडी (CID) के सामने पेश हुए।
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डायरी पर अटकी बात: हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुई इस साढ़े 5 घंटे की लंबी पूछताछ में अफसरों ने अभिषेक से उस डायरी को लेकर कड़े सवाल किए, जिसमें विधायकों के साइन होने का दावा किया जा रहा था।
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संतोषजनक नहीं मिले जवाब: सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी अधिकारी अभिषेक के गोलमोल जवाबों से संतुष्ट नहीं हैं और पूछताछ के दौरान उनके आपा खोने की भी खबरें हैं। अब उन्हें 14 जून को दोबारा तलब किया गया है। यही नहीं, इसके ठीक अगले दिन यानी 15 जून को उन्हें कथित स्कूल भर्ती घोटाले में ED (प्रवर्तन निदेशालय) के सामने भी पेश होना है। सीआईडी दफ्तर से छूटते ही अभिषेक सीधे ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंचे।
3. ‘पुष्पा’ स्टाइल खत्म- फलता में TMC नेता जहांगीर खान की हाफ पैंट में परेड
बंगाल में सत्ता का रसूख किस कदर जमीन पर आ गिरा है, इसका सबसे बड़ा नजारा दक्षिण 24 परगना के फलता इलाके में देखने को मिला। कभी खुद को इलाके का ‘पुष्पा’ समझने वाले और फलता विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार रहे जहांगीर खान का पुलिस ने सारा भौकाल उतार दिया।
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सड़कों पर घुमाया: जबरन वसूली, अवैध कब्जे और लोगों को धमकाने के आरोपी जहांगीर खान को कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा खत्म होते ही पुलिस ने दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हाफ पैंट में फलता की उन गलियों और सड़कों पर पैदल घुमाया (परेड निकाली), जहां कभी उनका हुक्म चलता था।
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वकीलों ने भी छोड़ा साथ: जब जहांगीर को डायमंड हार्बर कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट के बार एसोसिएशन ने उन्हें कुख्यात अपराधी बताते हुए उनका केस लड़ने से साफ मना कर दिया।
यश भारत का तीखा विश्लेषण: 28 साल पुरानी टीएमसी आज अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। 58 से अधिक विधायकों की बगावत के बाद विधानसभा में पार्टी दो फाड़ हो चुकी है। अब शीर्ष नेतृत्व पर कसता कानूनी शिकंजा और कार्यकर्ताओं का सरेआम होता ये हाल साफ बता रहा है कि बंगाल की राजनीति में ‘ममता युग’ का अंत बेहद करीब है।
