बंगाल की सियासत में भूकंप: 20 बागी सांसदों ने ममता बनर्जी को पार्टी से हटाया, ‘दीदी’ को दिया यह अनोखा ऑफर
बंगाल की सियासत में भूकंप: 20 बागी सांसदों ने ममता बनर्जी को पार्टी से हटाया, 'दीदी' को दिया यह अनोखा ऑफर
बंगाल की सियासत में भूकंप: 20 बागी सांसदों ने ममता बनर्जी को पार्टी से हटाया, ‘दीदी’ को दिया यह अनोखा ऑफर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मचे सियासी घमासान के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) पूरी तरह बिखर गई है। पार्टी के अंदर चल रही बगावत अब अंतिम मोड़ पर पहुंच चुकी है। टीएमसी के 20 सांसदों ने बगावत का बिगुल फूंकते हुए न सिर्फ खुद को ‘असली TMC’ घोषित कर दिया है, बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन पद से हटाने और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को सस्पेंड करने का बड़ा ऐलान कर दिया है।
इस महा-बगावत के बीच सोमवार को बागी गुट के मुख्य चेहरे ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को एक चौंकाने वाला ऑफर दिया है। ऋतब्रत ने कहा कि अगर ममता बनर्जी चाहें, तो वो इस बागी गुट की ‘मुख्य सलाहकार’ (Chief Advisor) बन सकती हैं, हम उनका स्वागत करेंगे।
अरूप रॉय चुने गए नए अध्यक्ष, बदला पूरा ढांचा
कोलकाता में बागी टीएमसी नेताओं के विशेष सत्र के बाद पार्टी संगठन में फेरबदल करते हुए ममता बनर्जी के अधिकार को अब तक की सबसे बड़ी चुनौती दी गई है:
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अरूप रॉय नए बॉस: बागी खेमे ने सर्वसम्मति से टीएमसी विधायक अरूप रॉय को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया है।
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दिग्गजों को बड़ी जिम्मेदारी: पूर्व मंत्री अरूप विश्वास, फिरहाद हकीम, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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संगठन की कमान: बगावत के सूत्रधार ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव बनाया गया है, जबकि अखरुज्जमां अंसारी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
‘हम ही असली TMC, चुनाव आयोग तय करेगा सब’
पार्टी पर कब्जे की इस लड़ाई को लेकर ऋतब्रत बनर्जी ने साफ किया कि वे अपने फैसलों की जानकारी जल्द ही चुनाव आयोग (EC) को सौंपेंगे। उन्होंने कहा:
“यह असली या नकली का सवाल ही नहीं है। हम ही असली TMC हैं। हमने पूरी तरह नियमों के मुताबिक काम करते हुए यह विशेष सत्र बुलाया है। अब क्या सही है और क्या गलत, यह तय करना चुनाव आयोग का काम है।”
विधानसभा चुनाव में हार के बाद फूटा गुस्सा
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से ही टीएमसी के भीतर असंतोष की आग सुलग रही थी, जो अब लावा बनकर फूट पड़ी है:
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विधायकों की बगावत: इसी महीने पार्टी के 80 में से 58 विधायकों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व की पसंद को खारिज करते हुए ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन किया था।
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दिल्ली तक असर: बगावत की यह गूंज अब दिल्ली के संसद भवन तक भी पहुंच गई है, जहां बागी टीएमसी सांसदों के एक बड़े धड़े ने पार्टी की संसदीय विंग से अलग होकर केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन को अपना समर्थन दे दिया है।
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में यह ममता बनर्जी के लिए अब तक का सबसे बड़ा और गहरा झटका माना जा रहा है, जिसने राज्य की राजनीति को पूरी तरह पलट कर रख दिया है।








