‘शुद्ध घी’ के नाम पर ज़हर- गोवर्धन, द्वारकेश और धौलपुर फ्रेश घी के सैंपल फेल; मिला 12 गुना खतरनाक सीसा (Lead)

‘शुद्ध घी’ के नाम पर ज़हर- गोवर्धन, द्वारकेश और धौलपुर फ्रेश घी के सैंपल फेल; मिला 12 गुना खतरनाक सीसा (Lead)
भोपाल: राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की ताजा जांच रिपोर्ट ने बाजार में बिक रहे नामचीन ब्रांड्स के घी की शुद्धता की पोल खोलकर रख दी है। विभाग द्वारा बाजार से लिए गए गोवर्धन प्योर काउ घी, द्वारकेश घी और धौलपुर फ्रेश प्रीमियम क्वालिटी देसी घी के नमूने FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के तय मानकों पर पूरी तरह फेल साबित हुए हैं।
अधिकृत प्रयोगशाला (Lab) से आई रिपोर्ट में तीनों ही ब्रांड्स के घी में भारी मिलावट और इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक तत्वों की मौजूदगी पाई गई है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
गोवर्धन और धौलपुर फ्रेश घी में मिला 14 गुना तक ज़हरीला ‘सीसा’
लैब रिपोर्ट में सबसे डराने वाला खुलासा सीसे (Lead) की मात्रा को लेकर हुआ है:
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गोवर्धन प्योर काउ घी (Gowardhan Pure Cow Ghee): इसमें सीसे (Lead) की मात्रा 0.241 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम पाई गई, जबकि FSSAI की तय सीमा केवल 0.02 मिलीग्राम है। यानी इसमें मानक से करीब 12 गुना अधिक खतरनाक सीसा मिला। इसके फैटी एसिड प्रोफाइल में भी भारी गड़बड़ी पाई गई।
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धौलपुर फ्रेश देसी घी (Dholpur Fresh Ghee): इस ब्रांड में सीसे की मात्रा 0.296 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम मिली, जो तय सीमा से 14.8 गुना अधिक है। इसके अलावा, इसमें बाडाइन टेस्ट पॉजिटिव (Boudouin Test Positive) आया है, जो इसमें तिल के तेल की मिलावट की ओर साफ इशारा करता है।
द्वारकेश घी में वनस्पति तेल की मिलावट
जांच में द्वारकेश घी (Dwarkesh Ghee) का सैंपल भी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
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इसके नमूने में बीटा-सिटोस्टेराल (Beta-Sitosterol) की मात्रा 2.38 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम पाई गई। शुद्ध देसी घी में इसकी मौजूदगी शून्य (Nil) होनी चाहिए।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, बीटा-सिटोस्टेराल का मिलना घी में वनस्पति तेल या वनस्पति वसा (Vegetable Fat) की सीधे तौर पर मिलावट का प्रमाण है। इसके अलावा इसकी बीआर रीडिंग, आयोडीन और पोलेंस्के वैल्यू भी मानकों से विपरीत मिली।
कंपनियों और दुकानदारों पर कसा जाएगा शिकंजा
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट के आधार पर मिलावटी घी बेचने और बनाने वाली कंपनियों व स्थानीय विक्रेताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और कोर्ट में केस दर्ज किया जाएगा।








