Share Market Bloodbath: शुक्रवार को शेयर बाजार में आया भयंकर भूचाल; सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निवेशकों के ₹6 लाख करोड़ स्वाहा, जानें बड़ी वजहें

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए हफ्ते का आखिरी दिन किसी ब्लैक फ्राइडे से कम नहीं रहा। चौतरफा बिकवाली (Panic Selling) के भारी दबाव के चलते दलाल स्ट्रीट पर ‘ब्लडबाथ’ जैसी स्थिति देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,100 अंक औंधे मुंह गिर गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 23,550 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलकर बंद हुआ।

बाजार में आई इस अचानक गिरावट से महज कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की संपत्ति से तकरीबन 6 लाख करोड़ रुपये साफ (स्वाहा) हो गए।

ब्रॉडर मार्केट भी पैनिक सेलिंग की चपेट में

आज के कारोबार में सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि छोटे और मझोले शेयरों पर भी मंदी की तगड़ी मार पड़ी:

आज के टॉप लूजर्स और गेनर्स

निफ्टी के टॉप लूजर्स (Top Losers) निफ्टी के टॉप गेनर्स (Top Gainers)
आयशर मोटर्स (Eicher Motors) टेक महिंद्रा (Tech Mahindra)
इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech)
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन (Power Grid) विप्रो (Wipro)
ओएनजीसी (ONGC) लार्सन एंड टुब्रो (L&T)
बजाज ऑटो (Bajaj Auto) (गिरावट में भी आईटी शेयर हरे निशान में रहे)

भारत में अचानक क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? 4 मुख्य कारण

बाजार के जानकारों और विशेषज्ञों के मुताबिक, शुक्रवार को आई इस भारी गिरावट के पीछे ये चार बड़े फैक्टर्स जिम्मेदार रहे:

  1. वीकेंड से पहले भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): शनिवार-रविवार की छुट्टी से ठीक पहले निवेशकों ने किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए ऊंचे स्तरों पर जमकर मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

  2. ग्लोबल संकेत और सीजफायर की खबरें: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर (युद्धविराम) होने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू होने की अंतरराष्ट्रीय खबरों ने ग्लोबल मार्केट्स के साथ भारतीय बाजार में भी अस्थिरता बढ़ा दी।

  3. मानसून को लेकर IMD की डरावनी रिपोर्ट: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा देश में मानसून का अनुमान घटाकर 90% करने की खबर ने निवेशकों को सबसे बड़ा झटका दिया। कमजोर बारिश और ‘एल नीनो’ (El Nino) की आशंका से देश में खाद्य महंगाई (Food Inflation) बढ़ने का डर पैदा हो गया है।

  4. MSCI इंडेक्स में बड़ा बदलाव: मॉर्गन स्टेनली कैपिटल इंटरनेशनल (MSCI) ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में हुए बदलावों के कारण भी बाजार में उतार-चढ़ाव चरम पर रहा। हालांकि, इस बदलाव के तहत फेडरल बैंक, इंडियन बैंक और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) जैसे शेयरों को इंडेक्स में शामिल किया गया है।

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