Patna Vande Bharat News: पटना में आंधी का तांडव; बिजली लाइन में फंसा बैनर, चिंगारियां उठने के बाद 2 घंटे तक पटना साहिब स्टेशन पर थमी रही वंदे भारत एक्सप्रेस
पटना: बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार सुबह आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश के कारण पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22348) अचानक बड़े तकनीकी फॉल्ट का शिकार हो गई। आंधी के कारण ओवरहेड बिजली सप्लाई लाइन (OHE) में कचरा फंसने और ट्रेन से चिंगारियां निकलने के बाद इसे करीब 2 घंटे तक पटना साहिब रेलवे स्टेशन पर खड़ा रखना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना के चलते स्टेशन पर यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और भारी चिंता का माहौल बना रहा।
ओएचई लाइन में फंसा फ्लेक्स और कपड़ा; इंजन से उठीं चिंगारियां
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर पटना जंक्शन से कोलकाता के लिए रवाना हुई थी:
हवा में उड़ा काल: ट्रेन जैसे ही गुलजारबाग इलाके के पास पहुंची, तभी अचानक 100 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के थपेड़ों के कारण एक बड़ा फ्लेक्स बैनर और कपड़ा उड़कर ट्रेन के पेंटोग्राफ (ट्रेन की छत पर लगा वो उपकरण जो ओवरहेड बिजली तारों से करंट लेता है) में जाकर फंस गया।
लोको पायलट की सूझबूझ: पेंटोग्राफ में बैनर फंसते ही बिजली की सप्लाई ठप हो गई और इंजन के पास तेज चिंगारियां (Sparking) निकलने लगीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और किसी बड़े हादसे को टालने के लिए ट्रेन की रफ्तार धीमी कर उसे रेंगते हुए सुबह 8:15 बजे पटना साहिब स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित खड़ा कर दिया।
सीढ़ी लगाकर ऊपर चढ़े इंजीनियर; 2 घंटे तक चला ‘रेस्क्यू ऑपरेशन’
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। पटना साहिब के स्टेशन मास्टर उपेंद्र कुमार ने तुरंत टीआरडी (Traction Distribution) विभाग की तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया।
कड़ी मशक्कत: रेलवे के तकनीकी इंजीनियरों ने सीढ़ी लगाकर वंदे भारत एक्सप्रेस की छत पर चढ़कर पेंटोग्राफ और हाई-टेंशन तारों में लिपटे हुए फ्लेक्स और गीले कपड़े को काटकर अलग किया।
10:15 बजे हुई रवाना: पूरी तकनीकी जांच और ओएचई लाइन को री-स्टार्ट करने के बाद सुबह 10:15 बजे (करीब दो घंटे की देरी से) ट्रेन को आगे हावड़ा के लिए रवाना किया जा सका।
यात्रियों की छूटी फ्लाइट, रेलवे पर भड़के लोग
इस अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण ट्रेन में सफर कर रहे सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा:
यात्रियों का दर्द: स्टेशन पर फंसे कई यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें हावड़ा (कोलकाता) पहुंचकर आगे की डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पकड़नी थी, लेकिन ट्रेन के 2 घंटे खड़े रहने से उनकी फ्लाइट्स मिस होने का खतरा बढ़ गया। यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन द्वारा उन्हें समय पर सही और सटीक जानकारी (Information Break) नहीं दी जा रही थी जिससे पैनिक और बढ़ गया।
पटना साहिब जीआरपी (GRP) प्रभारी ने बताया कि रेलवे और सुरक्षा टीमों की मुस्तैदी से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और समय रहते तकनीकी खराबी को दूर कर ट्रैक को क्लियर कर लिया गया। खराब मौसम को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने रूट की अन्य ट्रेनों को भी अलर्ट पर रखा है।