पटना का ‘बंटी यादव हत्याकांड’: अवैध शराब, इश्क और मुखबिरी के शक में खूनी साजिश; जानें कौन है मुख्य विलेन ‘मोनी किन्नर’ जिसने दी रूह कंपाने वाली मौत

पटना का 'बंटी यादव हत्याकांड': अवैध शराब, इश्क और मुखबिरी के शक में खूनी साजिश; जानें कौन है मुख्य विलेन 'मोनी किन्नर' जिसने दी रूह कंपाने वाली मौत

पटना का ‘बंटी यादव हत्याकांड’: अवैध शराब, इश्क और मुखबिरी के शक में खूनी साजिश; जानें कौन है मुख्य विलेन ‘मोनी किन्नर’ जिसने दी रूह कंपाने वाली मौत

पटना: बिहार की राजधानी पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र के करबिगहिया से अपहृत किराना व्यवसायी बंटी यादव की निर्मम हत्या के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर तक, तमाम विपक्षी नेताओं ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस सनसनीखेज हत्याकांड में जिस नाम ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह है ‘मोनी किन्नर’। पुलिस की थ्योरी के अनुसार, मोनी किन्नर के इशारे पर ही बंटी कुमार की बेहरमी से हत्या की गई।

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पुलिस की अब तक की तफ्तीश में मोनी किन्नर को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

हिस्सेदारी और मुखबिरी के शक में ठनी ‘दुश्मनी’

बंटी यादव और मोनी किन्नर के बीच विवाद की मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें थीं:

  1. कमाई में हिस्सेदारी: बंटी यादव, मोनी किन्नर के अवैध शराब के कारोबार में अपनी हिस्सेदारी (कमीशन) मांग रहा था, जिसे लेकर दोनों के बीच तीखी कहासुनी हो चुकी थी।

  2. मुखबिरी का शक: मोनी किन्नर को पक्का शक था कि बंटी ने ही पुलिस से सांठगांठ (मुखबिरी) कर उसकी तीन सहेलियों (किन्नरों) को गिरफ्तार करवाकर जेल भिजवाया है। इसी खुन्नस में मोनी ने अपने सबसे करीबी साथी रविश कुमार उर्फ बीसी (बीसिया) के साथ मिलकर बंटी को रास्ते से हटाने का खूनी प्लान तैयार किया।

बंटी यादव केस: किडनैपिंग से लेकर लाश मिलने तक (घटनाक्रम)

तारीख क्या हुआ?
06 जुलाई रात को बंटी के पास एक अनजान कॉल आई, जिसने उसे महावीर मंदिर के पास बुलाया। उसी रात टाटा पार्क के पास से उसका अपहरण कर लिया गया। देर रात परिजनों ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
07 जुलाई पुलिस की सुस्ती से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने कोतवाली थाने पहुंचकर भारी हंगामा किया।
08 जुलाई न्याय की मांग को लेकर गुस्साए लोगों ने करबिगहिया चौराहे को कई घंटों तक जाम रखा।
10 जुलाई आक्रोशित लोगों ने कैंडल लाइट मार्च निकाला और जीपीओ फ्लाईओवर, चिड़ैयाटाड़ व करबिगहिया को पूरी तरह ठप कर दिया।
11 जुलाई पटना के अथमलगोला में एक चरवाहे को बंटी का क्षत-विक्षत शव मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

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गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में जो खुलासा किया, वह बेहद खौफनाक है:

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इस पूरे खेल के पीछे मोनी किन्नर और उसके पार्टनर रविश कुमार उर्फ बीसिया के बीच का मजबूत गठजोड़ था:

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पटना पुलिस इस मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है:

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