मदन महल स्टेशन पर हादसे के बाद भी सबक नहीं: रैलिंग फांदकर जान जोखिम में डाल रहे यात्री, RPF-GRP बेअसर

मदन महल स्टेशन पर हादसे के बाद भी सबक नहीं: रैलिंग फांदकर जान जोखिम में डाल रहे यात्री, RPF-GRP बेअसर

मदन महल स्टेशन पर हादसे के बाद भी सबक नहीं: रैलिंग फांदकर जान जोखिम में डाल रहे यात्री, RPF-GRP बेअसर

जबलपुर:जबलपुर के मदन महल रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हुआ वह दर्दनाक हादसा शायद लोग भूल चुके हैं, जिसमें भोपाल से आने वाली रानी कमलापति जनशताब्दी एक्सप्रेस से उतरकर पैदल पटरी पार कर रहे छह यात्री एक मालगाड़ी के इंजन की चपेट में आ गए थे। इस भीषण हादसे में एक महिला और बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाली घटना के बावजूद, मदन महल स्टेशन पर यात्री अब भी अपनी जिंदगी को दांव पर लगाकर खुलेआम रेल पटरियां पार कर रहे हैं।

 रेलवे की रैलिंग भी साबित हो रही नाकाम, नियम तोड़ने की होड़

हादसे से सबक लेते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को शॉर्टकट अपनाने और ट्रैक पार करने से रोकने के लिए दोनों प्लेटफार्मों के बीच एक मजबूत लोहे की रैलिंग (विभाजक) लगाई थी।

आरपीएफ और जीआरपी की कार्रवाई भी बेअसर

पटरी पार करने वालों (ट्रेसपासिंग) के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) द्वारा लगातार धरपकड़ और चालानी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी भी दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों में नियमों और अपनी जान के प्रति कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। आरपीएफ के जवान जैसे ही एक तरफ हटते हैं, लोग दोबारा पटरियों पर उतर आते हैं।मदन महल स्टेशन पर हादसे के बाद भी सबक नहीं: रैलिंग फांदकर जान जोखिम में डाल रहे यात्री, RPF-GRP बेअसर

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स्टेशन के कायाकल्प के बाद बढ़ी यात्रियों की भारी भीड़

मदन महल रेलवे स्टेशन को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में पुनर्विकसित (Redevelop) किए जाने के बाद से यहां ट्रेनों का ठहराव और यात्रियों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है।

इन प्रमुख ट्रेनों के समय रहता है भारी दबाव: रायपुर इंटरसिटी, रानी कमलापति इंटरसिटी, जनशताब्दी एक्सप्रेस, श्रीधाम एक्सप्रेस, अमरकंटक एक्सप्रेस, नर्मदा एक्सप्रेस, सोमनाथ एक्सप्रेस और ओवरनाइट एक्सप्रेस सहित कई मेमू (MEMU) व पैसेंजर ट्रेनों के आगमन के समय स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं होती। इसी भीड़ का फायदा उठाकर लोग जल्दी निकलने के चक्कर में फुट ओवरब्रिज की जगह सीधे ट्रैक का इस्तेमाल करते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

-यशभारत डॉट कॉम

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