Datia: उपचुनाव में ऐतिहासिक मोड़- किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह की चुनावी रण में एंट्री; सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में उतरीं

Datia: उपचुनाव में ऐतिहासिक मोड़- किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह की चुनावी रण में एंट्री; सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में उतरीं

Datia: उपचुनाव में ऐतिहासिक मोड़- किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह की चुनावी रण में एंट्री; सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में उतरीं

भोपाल/दतिया: मध्य प्रदेश का दतिया विधानसभा उपचुनाव अब केवल एक सीट का सामान्य मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश और प्रदेश के किन्नर समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की एक नई और ऐतिहासिक इबारत लिखने जा रहा है। भोपाल की रहने वाली और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह (संजना नंद गिरि) ने दतिया उपचुनाव के लिए आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके इस कदम से दतिया का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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संजना सिंह का जीवन संघर्ष और उनकी सफलता समाज के लिए एक बड़ी मिसाल है: Datia: उपचुनाव में ऐतिहासिक मोड़- किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह की चुनावी रण में एंट्री; सरकारी नौकरी छोड़ राजनीति में उतरीं

‘न कोई परिवार है, न उत्तराधिकारी; समाज ही मेरा सब कुछ’

नामांकन दाखिल करने के बाद संजना सिंह ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उनका कहना है कि:

“मेरा उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना या सुर्खियां बटोरना नहीं है, बल्कि किन्नर समाज को नीति निर्माण (पॉलिसी मेकिंग) की मुख्यधारा तक पहुंचाना है। मेरा न तो कोई अपना परिवार है और न ही कोई आगे उत्तराधिकारी होगा। मुझे जो कुछ भी करना है, समाज के लिए और जनता के विकास के लिए करना है।”

दतिया उपचुनाव में संजना सिंह की इस एंट्री ने पारंपरिक राजनीतिक दलों के समीकरणों को हिलाकर रख दिया है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दतिया की जनता इस ऐतिहासिक पहल को कितना समर्थन देती है।

-यशभारत डॉट कॉम

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