मंत्री के नाम पर ज्वाइंट डायरेक्टर से मांगे रुपये, ग्वालियर में संदिग्ध से 4 घंटे पूछताछ
मंत्री के नाम पर ज्वाइंट डायरेक्टर से मांगे रुपये, ग्वालियर में संदिग्ध से 4 घंटे पूछताछ
मंत्री के नाम पर ज्वाइंट डायरेक्टर से मांगे रुपये, ग्वालियर में संदिग्ध से 4 घंटे पूछताछ
भोपाल/ग्वालियर: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाने वाले जालसाजों के खिलाफ भोपाल क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है। प्रदेश सरकार के एक कद्दावर मंत्री के नाम का गलत इस्तेमाल कर एक विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर (संयुक्त निदेशक) से फोन पर मोटी रकम मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायत मिलते ही भोपाल क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर जालसाज की घेराबंदी शुरू कर दी है।
मंत्री का हवाला देकर ज्वाइंट डायरेक्टर को लगाया था फोन
‘यशभारत’ को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बेहद शातिर तरीके से अंजाम दिया गया:
रुपये की डिमांड: आरोपी ने खुद को मंत्री का करीबी या उनके स्टाफ से जुड़ा बताकर विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर को सीधे फोन लगाया। बातचीत के दौरान उसने मंत्री के नाम का धौंस जमाते हुए रुपयों की मांग की थी।
अधिकारी को हुआ शक: मंत्री के नाम पर रुपये मांगे जाने से आशंकित अधिकारी ने तुरंत इसकी सूचना वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दी। इसके बाद भोपाल क्राइम ब्रांच में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
ग्वालियर पहुंची पुलिस, संदिग्ध सलमान से 4 घंटे तक कड़ाई से पूछताछ
क्राइम ब्रांच के डीसीपी अखिल पटेल के कड़े निर्देशों पर मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया:
ग्वालियर में दबिश: तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल टावर लोकेशन और साइबर इनपुट के आधार पर पुलिस को आरोपी का सुराग ग्वालियर में मिला। भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम बुधवार को तुरंत ग्वालियर पहुंची।
कोतवाली पुलिस की मदद: स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस के सहयोग से क्राइम ब्रांच ने एक संदिग्ध युवक, जिसका नाम सलमान बताया जा रहा है, को हिरासत में लिया।
मैराथन पूछताछ: पुलिस टीम ने संदिग्ध सलमान से करीब 4 घंटे तक कड़ी पूछताछ की है, जिसमें फोन कॉल और पैसों की मांग के संबंध में कई अहम जानकारियां जुटाने का प्रयास किया गया। मंत्री के नाम पर ज्वाइंट डायरेक्टर से मांगे रुपये, ग्वालियर में संदिग्ध से 4 घंटे पूछताछ
डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स (CDR) की खंगाल रही पुलिस
क्राइम ब्रांच की टीम अब इस मामले में पूरी तरह से तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी है। आरोपी के मोबाइल फोन को जब्त कर उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), वॉट्सऐप चैट्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि इस धोखाधड़ी के पीछे केवल सलमान है या कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में आरोपी की औपचारिक गिरफ्तारी कर बड़ा खुलासा किया जाएगा।