कटनी में अवैध बोरिंग कराने वालों पर बड़ा एक्शन: कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन; रीठी थाना में FIR दर्ज, गाड़ियां जब्त

कटनी (रीठी): मध्य प्रदेश के कटनी जिले में जल संकट की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। जिले को ‘जल अभावग्रस्त’ घोषित किए जाने के बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर अवैध नलकूप (बोर) खनन करने के मामले में रीठी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। तहसीलदार की अगुवाई में की गई इस छापेमारी में दो भारी बोरिंग मशीनों को जब्त किया गया है और उनके चालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।

कटनी जिला ‘पेयजल अभाव ग्रस्त क्षेत्र’ घोषित; 30 जून तक है पूर्ण प्रतिबंध

उल्लेखनीय है कि कटनी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी द्वारा 25 मार्च 2026 को एक विशेष आदेश जारी किया गया था। इस आदेश के तहत:

आधी रात को तहसीलदार की दबिश; रंगे हाथों पकड़ी गईं गाड़ियां

मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार (19 मई) की रात करीब 11:30 बजे रीठी तहसीलदार सुश्री आकांक्षा चौरसिया को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि ग्राम पटौहा (पटवारी हल्का नंबर 31) की खसरा नंबर 615 की जमीन पर धड़ल्ले से अवैध और प्रतिबंधित नलकूप खनन का काम चल रहा है।

कटनी में अवैध बोरिंग कराने वालों पर बड़ा एक्शन: कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन; रीठी थाना में FIR दर्ज, गाड़ियां जब्त

सूचना मिलते ही तहसीलदार सुश्री चौरसिया, हल्का पटवारी प्रीतेश गुप्ता और ग्राम कोटवार रवि कुमार बेन के साथ तत्काल मौके पर पहुंचीं। प्रशासनिक टीम ने देखा कि वहां बोरिंग मशीन (MP-19-HA-4519) और बोरिंग कम्प्रेशन मशीन (MP-31-GA-0165) द्वारा अवैध रूप से जमीन को खोदा जा रहा था। टीम ने मौके पर ही काम को रुकवा दिया।

नहीं दिखा सके वैध दस्तावेज; वाहन मालिक की दलीलें भी खारिज

जब प्रशासनिक दल ने मौके पर मौजूद मशीन चालकों से खनन की अनुमति या कोई भी शासकीय दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद दोनों वाहनों को तुरंत जब्त कर रीठी थाना पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया।

एसडीएम के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर (BNS की धारा 223)

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