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कटनी में भूजल दोहन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: रीठी में आधी रात दबिश देकर अवैध बोरिंग मशीनें जब्त

कटनी में भूजल दोहन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: रीठी में आधी रात दबिश देकर अवैध बोरिंग मशीनें जब्त। जिले में बढ़ते पेयजल संकट और लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अब पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतर आया है।

कटनी में भूजल दोहन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: रीठी में आधी रात दबिश देकर अवैध बोरिंग मशीनें जब्त

कटनी में भूजल दोहन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: रीठी में आधी रात दबिश देकर अवैध बोरिंग मशीनें जब्त
कटनी में भूजल दोहन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: रीठी में आधी रात दबिश देकर अवैध बोरिंग मशीनें जब्त

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा मध्य प्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के अंतर्गत 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक कटनी जिले के सभी विकासखंडों एवं नगरीय क्षेत्रों को “पेयजल अभावग्रस्त क्षेत्र” घोषित किए जाने के बाद, अवैध बोर उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।

इसी सिलसिले में रीठी तहसील प्रशासन ने देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध बोरिंग की तैयारी कर रही मशीनों को जब्त कर लिया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध रूप से भूजल दोहन करने वालों में हड़कंप मच गया है।

 आधी रात को ग्राम पटौहां में छापा

एसडीएम कटनी श्री प्रमोद कुमार चतुर्वेदी के निर्देश पर तहसीलदार रीठी सुश्री आकांक्षा चौरसिया ने 19 मई की रात्रि लगभग 11:30 बजे ग्राम पटौहां में अवैध बोर उत्खनन की सूचना मिलते ही बिना कोई वक्त गंवाए मौके पर दबिश दी। इस आकस्मिक कार्रवाई के दौरान उनके साथ हल्का पटवारी श्री प्रीतेश गुप्ता भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

 मौके से दो बोरिंग मशीनें और कंप्रेसर जब्त

जांच के दौरान टीम को ग्राम पटौहां के खसरा क्रमांक 615 पर दो बोरिंग मशीनें एवं कम्प्रेशर मशीन (क्रमांक MP19A4519 और MP31GA0165) बोरिंग कार्य प्रारंभ करने की तैयारी में खड़ी मिलीं। मौके पर मौजूद व्यक्तियों से जब प्रशासन ने अनुमति संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी वैध अनुज्ञा (Permit) प्रस्तुत नहीं कर सके।

प्रशासन ने तत्काल वैधानिक कदम उठाते हुए दोनों मशीनों को सीज कर दिया और रात्रि लगभग 2:30 बजे थाना रीठी में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) की सुपुर्दगी में सौंप दिया। फिलहाल, तहसीलदार रीठी द्वारा मामले में विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

 एसडीएम की सख्त चेतावनी

मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम श्री प्रमोद कुमार चतुर्वेदी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि:

“जिले में प्रतिबंध अवधि के दौरान बिना अनुमति बोर उत्खनन करने वालों के विरुद्ध कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भूजल संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 जल संरक्षण को लेकर बड़ा संदेश

प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई न केवल अवैध बोर उत्खनन पर रोक लगाने की दिशा में एक प्रभावी कदम है, बल्कि जल संरक्षण को लेकर सरकार और जिला प्रशासन की गंभीरता को भी रेखांकित करती है। भीषण गर्मी के इस दौर में प्राकृतिक पेयजल स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन लगातार हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि