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थम गए ट्रकों के पहिये: आज से 3 दिनों का देशव्यापी चक्का जाम, मंडियों और बाजारों में संकट के आसार

थम गए ट्रकों के पहिये: आज से 3 दिनों का देशव्यापी चक्का जाम, मंडियों और बाजारों में संकट के आसार। ​देशभर के ट्रांसपोर्टरों की शीर्ष संस्था ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के आह्वान पर आज यानी 21 मई से तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल (सांकेतिक बंद) की शुरुआत हो रही है।

थम गए ट्रकों के पहिये: आज से 3 दिनों का देशव्यापी चक्का जाम, मंडियों और बाजारों में संकट के आसार

इस हड़ताल के कारण आज से ट्रकों के पहिये पूरी तरह थम जाएंगे। परिवहन संगठनों के इस कड़े रुख के बाद न तो शहरों से माल की लोडिंग हो पाएगी और न ही बाहर से आने वाला जरूरी सामान शहरों तक पहुंच सकेगा।

​विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर और उससे जुड़े राज्यों (उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान) में इसका व्यापक असर दिखने की संभावना है, जिससे आम जनता और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

​क्यों हो रही है यह हड़ताल?

​ट्रांसपोर्ट संगठनों का यह विरोध मुख्य रूप से व्यावसायिक वाहनों पर बढ़ाए गए हरित शुल्क (Environment Compensation Cess – ECC) और प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर लागू किए जा रहे नए नियमों के खिलाफ है।

​ग्रीन टैक्स में भारी बढ़ोतरी: कमर्शियल वाहनों पर लगने वाले सेस में हाल ही में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टर्स में भारी नाराजगी है।

​BS-IV वाहनों पर प्रतिबंध का विरोध: 1 नवंबर 2026 से दिल्ली-एनसीआर में गैर-दिल्ली पंजीकृत BS-IV कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध का भी ट्रांसपोर्टर कड़ा विरोध कर रहे हैं।

​ईंधन की बढ़ती कीमतें: इसके साथ ही डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के कारण ट्रांसपोर्टर लगातार किराए में संशोधन और टैक्स में छूट की मांग कर रहे हैं।

​मंडियों और बाजारों पर पड़ेगा सीधा असर

​आज से शुरू हो रही इस तीन दिवसीय (21 मई से 23 मई) हड़ताल के कारण स्थानीय मंडियों और थोक बाजारों में सन्नाटा पसरने की आशंका है।

​क्या होगा असर:

  • ​फैक्ट्रियों और गोदामों से तैयार माल बाहर नहीं भेजा जा सकेगा।
  • ​बाहर से आने वाले कच्चे माल की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो जाएगी।

​हालांकि, ट्रांसपोर्टरों ने पहले आवश्यक वस्तुओं को छूट देने की बात कही थी, लेकिन बड़े पैमाने पर चक्का जाम होने के कारण फल, सब्जी, दूध और दवाओं जैसी जरूरी सेवाओं की सप्लाई पर भी आंशिक असर पड़ सकता है।

​अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

​AIMTC और उससे जुड़े लगभग 68 से अधिक परिवहन संगठनों का कहना है कि यह 3 दिनों की हड़ताल फिलहाल एक सांकेतिक विरोध है। यदि सरकार और संबंधित विभागों ने उनकी मांगों पर जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन चक्का जाम में बदला जा सकता है।

​व्यापारिक संगठनों ने भी सरकार से अपील की है कि वे बीच का रास्ता निकालें ताकि आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की किल्लत का सामना न करना पड़े।

 

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि