PM SVANidhi Yojna: रेहड़ी-पटरी वालों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा- मार्च 2030 तक बढ़ाई गई ‘PM स्वनिधि योजना’; बिना गारंटी मिलेगा ₹50,000 तक का लोन

PM SVANidhi Yojna: रेहड़ी-पटरी वालों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा- मार्च 2030 तक बढ़ाई गई 'PM स्वनिधि योजना'; बिना गारंटी मिलेगा ₹50,000 तक का लोन

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के छोटे रेहड़ी-पटरी और ठेला लगाने वाले वेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (PM SVANidhi) योजना की अवधि को मार्च 2030 तक बढ़ाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। कोविड महामारी के संकट काल में शुरू की गई यह योजना अब अगले कई सालों तक देश के गरीब और मध्यम वर्गीय दुकानदारों के रोजगार को सहारा देती रहेगी।

PM SVANidhi Yojna: रेहड़ी-पटरी वालों को मोदी सरकार का बड़ा तोहफा- मार्च 2030 तक बढ़ाई गई ‘PM स्वनिधि योजना’; बिना गारंटी मिलेगा ₹50,000 तक का लोन

इस योजना के तहत बिना किसी बैंक गारंटी के चरणबद्ध तरीके से लोन (ऋण) मुहैया कराया जाता है, जिससे छोटे कारोबारियों को साूखखोरों के चंगुल से मुक्ति मिली है।

 तीन चरणों में मिलता है ₹50,000 तक का बिना गारंटी लोन

PM स्वनिधि योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लोन लेने के लिए किसी भी तरह की गारंटी या सिक्योरिटी जमा नहीं करनी पड़ती। सरकार इसमें वेंडर्स को तीन किश्तों में लोन देती है:

  1. पहली बार (First Term): व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए ₹15,000 तक का लोन।
  2. दूसरी बार (Second Term): पहला लोन समय पर चुकाने के बाद ₹25,000 तक का लोन।
  3. तीसरी बार (Third Term): पिछला रिकॉर्ड बेहतर होने पर सीधे ₹50,000 तक की ऋण सुविधा।

ब्याज में भारी छूट: जो भी लाभार्थी अपने लोन की ईएमआई (EMI) समय पर चुकाते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से 7 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) दी जाती है। साथ ही, उनका क्रेडिट स्कोर सुधरने पर अगली बार और बड़ी लोन राशि स्वीकृत की जाती है।

सरकारी आंकड़े: 17,800 करोड़ से चमकी करोड़ों वेंडर्स की किस्मत

योजना के अब तक के प्रदर्शन से जुड़े सरकारी आंकड़े बेहद शानदार और इसकी सफलता को बयां करने वाले हैं:

 डिजिटल भुगतान पर ₹1600 का कैशबैक और ‘रुपे क्रेडिट कार्ड’

यह योजना केवल कर्ज देने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के सबसे निचले पायदान के दुकानदारों को डिजिटल रूप से साक्षर भी बना रही है:

आधी आबादी और वंचित वर्ग को मिला ‘समृद्धि’ का वरदान

स्वतंत्र आर्थिक अध्ययनों के अनुसार, इस योजना से जुड़ने के बाद स्ट्रीट वेंडर्स की सालाना आय में औसतन 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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