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Bengal Cabinet Insights: घरों में पोछा लगाने वाली कलीता माझी बनीं बंगाल की मंत्री, शुभेंदु कैबिनेट में दिखा संघर्ष और युवा जोश का अनोखा कॉकटेल

Bengal Cabinet Insights: घरों में पोछा लगाने वाली कलीता माझी बनीं बंगाल की मंत्री, शुभेंदु कैबिनेट में दिखा संघर्ष और युवा जोश का अनोखा कॉकटेल

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के गठन के ठीक 24 दिन बाद आज सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट का भव्य विस्तार संपन्न हुआ। कोलकाता के नबन्ना (Nabanna) में आयोजित समारोह में 35 नए विधायकों के शपथ लेने के बाद अब शुभेंदु सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 6 से बढ़कर 41 हो गई है। (294 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 44 मंत्री हो सकते हैं, यानी 3 पद अब भी खाली हैं)।

लेकिन इस पूरी कैबिनेट लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा उन ‘अनोखे और अनजान’ चेहरों की हो रही है, जिन्हें शुभेंदु अधिकारी ने अपनी टीम में शामिल कर सीधा जमीनी संदेश दिया है। आइए जानते हैं कैबिनेट के उन चेहरों के बारे में जिन्होंने हेडलाइंस बटोरी हैं:

1. कलीता माझी: कभी घरों में करती थीं झाड़ू-पोछा, आज बनीं माननीय मंत्री!

शुभेंदु कैबिनेट का सबसे भावुक और चौंकाने वाला नाम कलीता माझी का है, जिन्हें राज्य मंत्री बनाया गया है:

  • अभूतपूर्व संघर्ष: पूर्वी बर्दवान के औशग्राम क्षेत्र से चुनाव जीतने वाली कलीता राजनीति में आने से पहले दूसरों के घरों में नौकरानी (Maid) का काम करती थीं।

  • ₹2500 की तनख्वाह: परिवार चलाने के लिए कलीता महज 2,500 रुपये महीने पर काम करती थीं, जबकि उनके पति आज भी प्लंबर (Plumber) का काम करते हैं। उन्होंने औशग्राम सीट से 12,535 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की और आज सीधे राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली।

 2. बिराज बिस्वास: 30 साल की उम्र में छात्र राजनीति से सीधे मंत्रालय तक

  • सबसे युवा चेहरा: उत्तर दिनाजपुर के करांडीघी से चुनाव जीतने वाले बिराज बिस्वास (30 वर्ष) इस विधानसभा के सबसे युवा विधायकों में से एक हैं।

  • एबीवीपी का बैकग्राउंड: पेशे से कलकत्ता हाई कोर्ट में वकालत करने वाले बिराज छात्र आंदोलन की उपज हैं। वे छात्र संगठन एबीवीपी (ABVP) के राज्य सचिव और अखिल भारतीय सचिव रह चुके हैं। उन्होंने करांडीघी सीट से इलाके के कद्दावर नेता गौतम पाल को पटखनी देकर यह मुकाम हासिल किया है।

3. अशोक डिंडा: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज अब संभालेंगे सत्ता की पिच

  • क्रिकेटर से नेता: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा को भी शुभेंदु सरकार में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। डिंडा मोयना (Moyna) विधानसभा सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीते हैं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।

 4. कलम के धनी: स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय की एंट्री

  • पत्रकारिता से कैबिनेट तक: शुभेंदु अधिकारी ने इस बार पढ़े-लिखे और बौद्धिक चेहरों पर भी बड़ा दांव खेला है। मशहूर पत्रकार और पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता और तेज-तर्रार जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को सीधे कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है।

 उत्तर बंगाल (North Bengal) को मिला ‘बंपर’ फायदा

बीजेपी ने अपनी सबसे मजबूत रीढ़ यानी उत्तर बंगाल को कैबिनेट में पलकों पर बिठाया है। इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व अब सरकार में सबसे मजबूत हो गया है:

  • दिग्गजों की फौज: 24 दिन पहले जब सरकार बनी थी, तब कूचबिहार के कद्दावर नेता निसिथ प्रमाणिक को केंद्र से लाकर सीधे राज्य में मंत्री बनाया गया था।

  • 6 नए मंत्री: अब नए विस्तार में उत्तर बंगाल से शंकर घोष, विशाल लामा, जुएल मुर्मू, आनंदमय बर्मन, दीपक बर्मन और मालती राभा रॉय को मंत्री बनाया गया है।

  • स्पीकर भी यहीं से: दिलचस्प बात यह है कि बंगाल विधानसभा के नए स्पीकर रथिंद्र घोष भी इसी उत्तरी बंगाल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

मजबूत ‘महिला ब्रिगेड’ पर दांव

शुभेंदु सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महिला वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए ‘आधी आबादी’ को कैबिनेट में भारी तवज्जो दी है। सरकार में अब महिलाओं की एक मजबूत फौज तैयार हो गई है:

  • पहले से शामिल: अग्निमित्रा पॉल (कैबिनेट मंत्री)

  • नई शामिल महिला मंत्री: कलीता माझी, मालती राभा रॉय, मौमिता बिस्वास मिश्रा, सुमना सरकार, गार्गी घोष दास और पूर्णिमा चक्रवर्ती।

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