स्कूलों में पंखा नहीं, पानी नहीं, शिक्षक गायब: भारत में उठी ‘Gen Alpha’ की पहली बड़ी विरोध लहर

स्कूलों में पंखा नहीं, पानी नहीं, शिक्षक गायब: भारत में उठी ‘Gen Alpha’ की पहली बड़ी विरोध लहर

नई दिल्ली: कभी स्कूल की अव्यवस्थाओं की शिकायतें प्रिंसिपल के दफ्तर या माता-पिता तक ही सीमित रहती थीं, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों में स्कूली बच्चे अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में 14 साल से कम उम्र के बच्चे अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसे देश में ‘Gen Alpha Protest’ की पहली बड़ी और व्यापक विरोध लहर माना जा रहा है।

इन बच्चों की मांगें किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं, बल्कि स्कूल की रोजमर्रा की सुविधाओं जैसे- पानी, पंखा, शौचालय, शिक्षक, मिड-डे मील और पक्की सड़क से जुड़ी हैं।

विभिन्न राज्यों से सामने आईं प्रमुख तस्वीरें

प्रदर्शन का दिख रहा है तात्कालिक असर

बच्चों के इस अभूतपूर्व आंदोलन का प्रशासनिक स्तर पर तुरंत असर भी देखने को मिल रहा है:

क्या है Gen Alpha और कितनी है इनकी आबादी?

2010 से 2020 के मध्य पैदा हुए बच्चों को आमतौर पर Gen Alpha की श्रेणी में रखा जाता है। भारत में 0 से 14 वर्ष के आयु वर्ग को यदि इसका आधार माना जाए, तो 2026 के अनुमानों के अनुसार इनकी आबादी लगभग 32.7 करोड़ से 39 करोड़ के बीच है। हालांकि यह वोट देने की उम्र में नहीं पहुंचे हैं, लेकिन अपने अधिकारों को लेकर जागरूक इस पीढ़ी ने प्रशासनिक तंत्र को सोचने पर मजबूर कर दिया है। स्कूलों में पंखा नहीं, पानी नहीं, शिक्षक गायब: भारत में उठी ‘Gen Alpha’ की पहली बड़ी विरोध लहर Samudrik Shastra: स्त्री के माथे की बनावट में छिपा है उसके भाग्य का राज; जानिए कौन से लक्षण बनाते हैं सौभाग्यशाली

Exit mobile version