‘चुगली’ को बनाया करोड़ों का बिजनेस- 67 साल की दादी मोहल्ले के राज बेचकर बनीं 2 मकानों की मालकिन
भोपाल (Yashbharat.com)। क्या आपने कभी सोचा है कि दूसरों के घरों की खबरें रखना या मोहल्ले में चुगली करना भी किसी की कमाई का जरिया बन सकता है? आमतौर पर लोग इसे समय की बर्बादी मानते हैं, लेकिन कोलंबिया की एक 67 वर्षीय महिला ने अपनी इस आदत को ऐसा गजब का ‘स्टार्टअप’ बना दिया कि हर कोई हैरान है। इन्होंने पड़ोसियों के सीक्रेट्स बेचकर इतनी कमाई कर ली कि अपने लिए दो-दो मकान खड़े कर लिए।
घर के बाहर कुर्सी डालकर नजर रखती हैं मिरियम
एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोलंबिया के आर्मेनिया शहर की रहने वाली 67 वर्षीय मिरियम (Miryam) का यह अनोखा कारोबार इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। मिरियम का काम बेहद साधारण है—वे दिनभर अपने घर के बाहर कुर्सी डालकर बैठ जाती हैं और पूरे मोहल्ले की एक-एक हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। किसके घर में क्या चल रहा है, किसका विवाद हुआ या कौन किससे छिपकर मिल रहा है, इसकी पूरी जानकारी उनके पास होती है।
चटपटी खबरों का तय कर रखा है ‘रेट कार्ड’
मिरियम खुद को गर्व से पेशेवर ‘चिस्मोसा’ (गॉसिप क्वीन) कहती हैं। जब भी किसी पड़ोसी को दूसरों के बारे में कोई चटपटी जानकारी चाहिए होती है, वे सीधे मिरियम के पास पहुंचते हैं।
-
सामान्य खबरों की फीस: छोटी-मोटी गॉसिप्स के लिए वे 5,000 से 10,000 कोलंबियन पेसो (लगभग ₹150 से ₹300) वसूलती हैं।
-
बड़े राज का बड़ा दाम: किसी बड़े या संवेदनशील राज के लिए वे भारी-भरकम रकम चार्ज करती हैं।
-
सब्सक्रिप्शन और सीक्रेसी फीस: अपनी सबसे महंगी गॉसिप का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में उसे धोखा दे रहा था। उस राज को दबाए रखने के एवज में मिरियम ने उससे 7 लाख कोलंबियन पेसो (लगभग ₹21,000) लिए थे।
पत्रकारों की तरह सबूतों के साथ मेंटेन करती हैं ‘गॉसिप बोर्ड’
मिरियम का काम करने का तरीका भी पूरी तरह प्रोफेशनल है। वे हवा-हवाई बातें करने के बजाय सबूतों पर काम करती हैं:
-
स्पेशल नोटबुक: उनके पास एक खास डायरी है, जिसमें वे हर घटना का समय और तारीख दर्ज करती हैं।
-
इनडोर गॉसिप बोर्ड: उनके घर के अंदर एक बड़ा बोर्ड लगा है, जहाँ तस्वीरों, कागजों और धागों की मदद से पड़ोसियों के सीक्रेट्स और रिश्तों का नेटवर्क जोड़कर रखा गया है।
भले ही इस हरकत से कई पड़ोसी उनसे नाराज रहते हों, लेकिन जब भी किसी को कोई खबर चाहिए होती है, तो वे सीधे मिरियम के दरवाजे पर ही दस्तक देते हैं।
सागर शराबकांड: पीड़ित परिवारों से मिले जीतू पटवारी, भाजपा पर साधा निशाना; निष्पक्ष जांच की मांग
