पुतिन के भारत दौरे से रक्षा और एविएशन में बड़ा बदलाव: BRICS समिट से पहले PM मोदी के साथ Su-57 स्टेल्थ फाइटर और PD-8 जेट इंजन पर होगी अहम चर्चा
नई दिल्ली/भोपाल (Yashbharat.com)। भारत में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS Summit 2026) में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन नई दिल्ली आ रहे हैं। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता तय की गई है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा, उड्डयन, व्यापार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को लेकर कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
INNOPROM इंडिया में पेश होगा नई पीढ़ी का PD-8 जेट इंजन
रूस की प्रमुख रक्षा और औद्योगिक कंपनी ‘रोस्टेक’ (Rostec) नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 9 से 11 सितंबर तक चलने वाली ‘INNOPROM इंडिया’ प्रदर्शनी में अपने नए PD-8 जेट इंजन का भव्य प्रदर्शन कर रही है।
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इंजन की खासियत: यूनाइटेड इंजन कॉर्पोरेशन द्वारा निर्मित इस एडवांस PD-8 इंजन का ड्राई वेट 1.7 टन है और यह 8 टन तक का टेकऑफ थ्रस्ट जनरेट करता है।
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विमान में इस्तेमाल: यह इंजन रूस के स्वदेशी रीजनल एयरलाइनर SJ-100 और Be-200 जैसे विमानों को पावर देता है। SJ-100 विमान 75 से 103 यात्रियों की क्षमता के साथ 1,012 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।
भारत में 3 साल में शुरू होगा SJ-100 पैसेंजर एयरक्राफ्ट का निर्माण
भारत के सिविल एविएशन सेक्टर को मजबूत करने और देश को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने की दिशा में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की ‘यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन’ (UAC) के बीच बड़ा करार हुआ है।
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उड़ान (UDAN) योजना को मिलेगी गति: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने वाला गेम-चेंजर कदम बताया है। SJ-100 भारत में बनने वाला पहला वाणिज्यिक यात्री विमान होगा।
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100 से 200 विमानों की मांग: UAC प्रमुख वादिम बादेखा के अनुसार, भारत ने 100 से 200 की संख्या में SJ-100 और Il-114-300 विमानों के निर्माण में रुचि जताई है। अगले 3 वर्षों के भीतर भारत में इस एयरक्राफ्ट का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
5वीं पीढ़ी के Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट की डील पर नजर
क्रेमलिन के आधिकारिक बयान के अनुसार, पुतिन के इस भारत दौरे में 5वीं पीढ़ी के अत्याधुनिक Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट की बिक्री और उसकी तकनीक साझा करने का मुद्दा प्राथमिकता पर रहेगा।
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टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: रूस न केवल इन विमानों की आपूर्ति बल्कि इससे जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों को भारत के साथ साझा करने के लिए तैयार है।
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रणनीतिक मजबूती: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने Su-57 को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू मशीनों में से एक बताया है। यदि यह डील पक्की होती है, तो भारतीय वायुसेना की सामरिक और युद्धक क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी।
