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Jyoti Malhotra: जासूसी मामले में ज्योति मल्होत्रा की चुप्पी, NIA के सवालों का नहीं दिया कोई जवाब

Jyoti Malhotra: जासूसी मामले में ज्योति मल्होत्रा की चुप्पी, NIA के सवालों का नहीं दिया कोई जवाब

Jyoti Malhotra: जासूसी मामले में ज्योति मल्होत्रा की चुप्पी, NIA के सवालों का नहीं दिया कोई जवाब, जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा पुलिस कस्टडी में गुमसुम है। पुलिस उससे शनिवार से ही पूछताछ कर रही है, वहीं रविवार को रिमांड अवधि के पहले दिन नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी (एनआईए) सहित कई अन्य जांच एजेंसियों ने उससे सिविल लाइन थाने में चार-पांच घंटे पूछताछ की, लेकिन अधिकतर सवालों पर चुप्पी साधे रही। अभी ऐसे कोई संकेत उसने नहीं दिए हैं, जिससे पता चल सके कि पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के साथ कोई गोपनीय दस्तावेज साझा किए हैं।

Jyoti Malhotra: जासूसी मामले में ज्योति मल्होत्रा की चुप्पी, NIA के सवालों का नहीं दिया कोई जवाब

घुटने पकड़कर बैठी रही ज्योति

सिविल लाइन थाना पुलिस ने ज्योति को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। सेना की इंटेलिजेंस भी उससे सोमवार को पूछताछ कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि ज्योति चिंता में दिख रही है। पुलिस कस्टडी में वह घुटने पकड़कर बैठी रही। शनिवार रात में सोई नहीं और खाना भी अच्छे से नहीं खाया। रविवार को उससे चार-पांच घंटे अलग-अलग एजेंसियों ने बातचीत की। इसमें एनआईए भी शामिल है।

पाकिस्तान से मिलाने वाले खर्च पर बोली ज्योति

एजेंसियों ने पाकिस्तानी उच्चायोग में पार्टी में शामिल होना, पाकिस्तानी अधिकारी दानिश से संबंधों, उसके खर्चों की फंडिंग आदि के बारे में पूछताछ की, लेकिन इन सवालों पर वह कोई जवाब नहीं दे रही। हालांकि इतना जरूर बोली कि वह केवल अपने चैनल के लिए वीडियो बनाती है। यह उसका शौक है। पाकिस्तान जाने के लिए वीजा जरूरी था तो इसी सिलसिले में उच्चायोग गई। वहां दानिश से मुलाकात हुई। पाकिस्तान में ठहरने-घूमने के खर्चों का प्रबंध कौन करता था, इस सवाल पर कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग से प्रायोजित यात्रा के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर को बुलाया जाता रहा है।

नहीं दिए इन सवालों के जवाब

गोपनीय जानकारियां साझा करने के सवाल पर वह कुछ नहीं बोली। वह पाकिस्तान कब-कब गई और वहां किन-किन लोगों से मिली थी। दानिश से उसकी जान पहचान कब और कैसे हुई, और कौन-कौन लोग हैं, जो पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में हैं। पाकिस्तान में वह और कितने लोगों को जानती है। इसी तरह के कई सवाल ज्योति से पूछे, लेकिन इनमें से अधिकतर के जवाब नहीं दिए।

पैसा कमाने का लगा आसान रास्ता : एसएसपी

एसएसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि ज्योति पर किसी तरह का दबाव था, ऐसा अभी तक कुछ सामने नहीं आया। पूछताछ में यही सामने आया है कि लाइक व सबस्क्राइबर्स के चक्कर में पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के जाल में फंस गई। फिर उसे स्पॉन्सर्ड यात्राएं मिलने लगीं, जो पैसा कमाने का आसान रास्ता लगा। उन्होंने बताया कि वह पहलगाम हमले से पहले कश्मीर गई थी और उससे पहले पाकिस्तान भी गई। इन दोनों का क्या संबंध है, इसकी जांच की जा रही है।

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