CJP प्रदर्शन में खाना खिलाने वाले जुनैद मलिक पहुँचे सुप्रीम कोर्ट: आरोप-पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से उठाया, 6 घंटे गाड़ी में घुमाकर सुनसार सड़क पर छोड़ा

CJP प्रदर्शन में खाना खिलाने वाले जुनैद मलिक पहुँचे सुप्रीम कोर्ट: आरोप-पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से उठाया, 6 घंटे गाड़ी में घुमाकर सुनसार सड़क पर छोड़ा

CJP प्रदर्शन में खाना खिलाने वाले जुनैद मलिक पहुँचे सुप्रीम कोर्ट: आरोप-पुलिस ने गैर-कानूनी तरीके से उठाया, 6 घंटे गाड़ी में घुमाकर सुनसार सड़क पर छोड़ा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के छात्र प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और युवाओं के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर मीडिया व सोशल मीडिया की सुर्खियों में आए जुनैद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। लॉ ग्रेजुएट और समाजसेवी जुनैद मलिक ने अपनी याचिका में दिल्ली और यूपी पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए खुद को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लेने, डराने-धमकाने और उनके परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित करने का दावा किया है।

यह अर्जी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सांसद मनोज कुमार झा की उस मुख्य याचिका के तहत एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड नेहा राठी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है, जिसमें CJP प्रदर्शनों के दौरान पुलिस द्वारा की गई कथित हिंसा और ज्यादतियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

अस्पताल से लौटते वक्त उठाया, 6 घंटे गाड़ी में घुमाकर दूर छोड़ा

जुनैद मलिक ने अपनी याचिका में उस रात हुई घटना का ब्योरा देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं:

परिवार और रिश्तेदारों को भी परेशान करने का आरोप

जुनैद मलिक का कहना है कि पुलिस का उत्पीड़न केवल उन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिना किसी कागजी कार्रवाई या तय कानूनी प्रक्रिया (Procedure established by law) के उनके परिवार को भी निशाना बनाया गया:

 सुप्रीम कोर्ट से की ये अहम मांगें

जुनैद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि:

  1. पुलिस को उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ किसी भी तरह की असंवैधानिक और जबरन दंडात्मक कार्रवाई (Coercive Action) करने से तुरंत रोका जाए।

  2. यदि उनके या प्रदर्शन की व्यवस्थाओं के संबंध में कोई जांच की जानी है, तो वह पूरी तरह से तय कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत ही की जाए।

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