JNU के अंदर और बाहर शुरू हुई पोस्टर वार, प्रॉक्टर और प्रोफेसर निशाने पर
नई दिल्ली। जेएनयू हिंसा पर शुक्रवार को कैंपस में पोस्टर वार शुरू हो गई। वामपंथी छात्र संगठनों ने दीवारों पर चार प्रोफेसर के फोटो चिपकाकर उन पर नकाबपोश भीड़ को कैंपस में दाखिल कराने का आरोप लगाया है।
इनमें चीफ प्रोक्टर प्रो. धनंजय सिंह, साबरमती हॉस्टल की वार्डन प्रो. प्रकाशा चंद्र साहू, प्रो. तपन बिहारी और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. अभिनव प्रकाश के नाम शामिल हैं। हालांकि इन सभी प्रोफेसरों ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि कोई भी शिक्षक अपने ही विश्वविद्यालय के छात्रों की पिटाई कराने में शामिल नहीं हो सकता।
वामपंथी छात्र संगठनों ने एकेडमिक ब्लॉक, स्कूल व सेंटर, हॉस्टल, लाइब्रेरी, ढाबे समेत समेत पेड़ों, दीवारों और सड़कों पर पोस्टर चिपकाकर जेएनयू हिंसा में चार प्रोफेसर के शामिल होने के आरोप लगाए हैं। इन पोस्टर से कैंपस का माहौल एकाएक फिर गरमा गया।
वामपंथी छात्र संगठनों ने साथ ही साबरमती टी प्वाइंट पर भी विरोध दर्ज कराया। छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष का कहना था कि नकाबपोश भीड़ को कैंपस में दाखिल कराने में इन चारों की मिलीभगत थी। विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस को इन पर कार्रवाई करनी चाहिए।
जेएनयू के बाहर छात्रों के विरोध में हिंदू सेना ने लगाए पोस्टर
जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में चल रहे विरोध प्रदर्शन के खिलाफ हिंदू सेना की ओर से कैंपस के बाहर 200 के करीब पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर के माध्यम से प्रदर्शनकारी छात्रों को लेफ्ट विचारधारा का बताया गया है।
हिंदू सेना का आरोप हैं कि अनुसूचित जाति के नाम पर छात्र लोगों को बरगला रहे हैं। वहीं, जेएनयू के दो किलोमीटर के इलाके में सड़कों पर विवादित पोस्टर देखने के बाद छात्रों का आक्रोश बढ़ गया है। छात्रों का आरोप है कि पुलिस सड़कों से पोस्टर हटवाने तक की जहमत नहीं उठाई।
हिंदू सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरजीत यादव का कहना है कि जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने वाले छात्रों की संख्या अधिक है। वे कैंपस में सेना के खिलाफ प्रदर्शन करते हैं। इससे नाराज होकर संगठन की ओर से जेएनयू इलाके में विरोध दर्ज कराने के लिए पोस्टर लगाए गए।
पोस्टर पर कई ऐसी और भी बातें लिखी हैं जिससे कैंपस का माहौल फिर से बिगड़ सकता है । वहीं, हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता का आरोप है कि छात्र राजनीतिक दलों के इशारे पर कैंपस का माहौल खराब कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि पुलिस की शह पर पोस्टर लगाया गया है।