ISI Spy Ring Busted: हनी-ट्रैपिंग और हवाला के जरिए ISI का जाल, देश भर में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी में 474 से ज्यादा गिरफ्तार
ISI Spy Ring Busted: हनी-ट्रैपिंग और हवाला के जरिए ISI का जाल, देश भर में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी में 474 से ज्यादा गिरफ्तार। भारत की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और सनसनीखेज रिपोर्ट सामने आई है। पंजाब पुलिस के अनुसार, मई 2025 में शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने भारत में अपनी गतिविधियां तेज कर दी थीं। सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अब तक 457 जासूसों और उनके मददगारों को गिरफ्तार किया है।
IRCTC का बड़ा ऐलान: अब मात्र ₹23,505 में करें 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन; 12 दिनों की इस ‘भारत गौरव’ यात्रा का पूरा शेड्यूल यहाँ देखें
ISI Spy Ring Busted: हनी-ट्रैपिंग और हवाला के जरिए ISI का जाल, देश भर में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी में 474 से ज्यादा गिरफ्तार
सैन्य ठिकानों पर ‘सोलर कैमरों’ की खतरनाक साजिश
पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने मार्च और अप्रैल 2026 में एक बेहद खतरनाक साजिश का खुलासा किया।
- साजिश: ISI के एजेंट स्थानीय लोगों को लालच देकर सैन्य और अहम ठिकानों के पास SIM कार्ड वाले सोलर-पावर्ड CCTV कैमरे लगवा रहे थे।
- मकसद: इन कैमरों के जरिए सीमा पार बैठे आकाओं को सैन्य गतिविधियों की लाइव फुटेज और निगरानी डेटा उपलब्ध कराना था।
- नतीजा: कैमरों के एक्टिव होने से पहले ही पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया और पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया गया।
सोशल मीडिया और हनी-ट्रैपिंग का जाल
रिपोर्ट के मुताबिक, ISI ने जासूसी के लिए पुराने तरीकों के साथ-साथ डिजिटल हथकंडों का जमकर इस्तेमाल किया:
- हनी-ट्रैपिंग: सोशल मीडिया के जरिए सैनिकों को जाल में फंसाकर संवेदनशील जानकारी निकालना।
- हवाला और एन्क्रिप्टेड ऐप्स: जासूसों को पैसों का भुगतान हवाला के जरिए किया जा रहा था और संचार के लिए गुप्त एप्स का इस्तेमाल हो रहा था।
- टारगेट: सैनिकों की आवाजाही, रणनीतिक जगहें और सीमा पर तैनाती से जुड़ी अहम जानकारियां इकट्ठा करना।
पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का एक्शन
पंजाब के DGP गौरव यादव के अनुसार, राज्य पुलिस की खुफिया जानकारी के आधार पर ही दूसरे राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों ने समय रहते कार्रवाई की। मई 2025 से मार्च 2026 के बीच बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुईं, जिससे संवेदनशील जानकारी लीक होने से पहले ही जासूसी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। पंजाब अभी भी ISI के मुख्य लक्ष्यों (Main Targets) में से एक बना हुआ है।

