IPL Controversy: ललित मोदी का शशि थरूर पर बड़ा आरोप, कहा-‘सुनंदा पुष्कर पर सवाल उठाने पर थरूर ने दी थी घर पर छापा मरवाने की धमकी’

IPL Controversy: ललित मोदी का शशि थरूर पर बड़ा आरोप, कहा-'सुनंदा पुष्कर पर सवाल उठाने पर थरूर ने दी थी घर पर छापा मरवाने की धमकी'

IPL Controversy: ललित मोदी का शशि थरूर पर बड़ा आरोप, कहा-‘सुनंदा पुष्कर पर सवाल उठाने पर थरूर ने दी थी घर पर छापा मरवाने की धमकी’

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व अध्यक्ष ललित मोदी ने कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर को लेकर एक बेहद विवादित और बड़ा दावा किया है। ललित मोदी का गंभीर आरोप है कि जब उन्होंने कोच्चि आईपीएल फ्रेंचाइजी और सुनंदा पुष्कर से जुड़े वित्तीय मुद्दों पर सवाल उठाए थे, तब शशि थरूर ने उन्हें फोन कर आगे कोई भी कार्रवाई न करने की सख्त हिदायत और धमकी दी थी।

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में ललित मोदी ने इस पूरे विवाद विन्यास की परतें खोली हैं।

 ‘सुनंदा के बारे में मत पूछो, नहीं तो सुबह घर पर छापा मरवा दूंगा’

ललित मोदी ने इंटरव्यू में देर रात हुए उस कथित फोन कॉल का ब्योरा साझा करते हुए कई चौंकाने वाले विधिक दावे किए:

 ‘मुझे नहीं पता था सुनंदा कौन हैं’; सीक्रेट शेयरधारकों पर अड़ गए थे मोदी

ललित मोदी ने बताया कि यह पूरा गतिरोध बेंगलुरु में देर रात हुई एक हाई-लेवल बैठक के दौरान चरम पर पहुंच गया था।

वित्तीय विन्यास और विवाद के मुख्य बिंदु:

‘मेरे घर आकर मीठी बातों में फंसाया था’; 2010 में गंवाना पड़ा था मंत्री पद

ललित मोदी ने यह भी खुलासा किया कि शुरुआत में केरल में कोई अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम न होने के बावजूद उन्होंने कोच्चि को आईपीएल की बोली प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति सिर्फ थरूर के कहने पर दी थी। उन्होंने कहा, “शशि थरूर उस समय मुझे इसके लिए मनाने मेरे घर आए थे। वह निस्संदेह मीठी-मीठी बातें करने वाले इंसान हैं और मैं उनकी बातों में आ गया था।”

विवाद का विधिक इतिहास: इस हाई-प्रोफाइल विवाद का खामियाजा शशि थरूर को भुगतना पड़ा था। अप्रैल 2010 में हुए इस भारी हंगामे के बाद थरूर को तत्कालीन यूपीए सरकार में विदेश मामलों के राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साल 2011 में शर्तों के उल्लंघन के चलते कोच्चि फ्रेंचाइजी को आईपीएल से पूरी तरह बाहर कर दिया था। केसीपीएल और आरएसडब्ल्यू के स्वामित्व वाली इस टीम ने केवल एक ही सीजन (2011) खेला था और वह 10 टीमों में से 8वें स्थान पर रही थी।

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