UP में नकली और नशीली दवाओं के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: करोड़ों की दवाएं सीज, 7 पर FIR; जानें राजस्थान-उत्तराखंड से कैसे जुड़ा कनेक्शन

UP में नकली और नशीली दवाओं के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: करोड़ों की दवाएं सीज, 7 पर FIR; जानें राजस्थान-उत्तराखंड से कैसे जुड़ा कनेक्शन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नकली और अवैध दवाओं के एक बहुत बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इस बात का खुलासा हुआ है कि राजस्थान और उत्तराखंड से नकली और नशीली दवाओं की भारी खेप यूपी के विभिन्न जिलों में खपाई जा रही थी।

कार्रवाई के दौरान एफएसडीए की टीमों ने लखनऊ और गोंडा समेत कई इलाकों से करोड़ों रुपये की नकली व नशीली दवाएं जब्त की हैं। इस मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है।

 राजस्थान में बनती थीं नामी ब्रांड्स की ‘नकली’ दवाएं

एफएसडीए की जांच में सामने आया कि राजस्थान में निर्मित नकली दवाओं पर देश की जानी-मानी फार्मा कंपनियों के रैपर और लेबल लगाए जाते थे, ताकि वे असली जैसी दिखें। UP में नकली और नशीली दवाओं के अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: करोड़ों की दवाएं सीज, 7 पर FIR; जानें राजस्थान-उत्तराखंड से कैसे जुड़ा कनेक्शन

लखनऊ के अमीनाबाद में अवैध गोदाम पर छापा, 21 लाख की जब्ती

एफएसडीए के औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य और विवेक कुमार सिंह की अगुवाई में लखनऊ के अमीनाबाद स्थित एक अवैध गोदाम पर छापेमारी की गई:

  1. अमीनाबाद में कार्रवाई: बिना लाइसेंस चल रहे गोदाम से बड़ी मात्रा में फर्जी लेबल वाली एलोपैथिक दवाएं मिलीं। संचालक रंजीत सिंह जुल्का के पास बिक्री का कोई लाइसेंस या बिल नहीं था। मौके से 27 नमूने लिए गए और ₹21 लाख की दवाएं सील की गईं।

  2. बक्शी का तालाब में गिरफ्तारी: पूछताछ के आधार पर राज विक्रम सिंह को गिरफ्तार किया गया और उसके ठिकाने से ₹3 लाख की अवैध दवाएं जब्त की गईं।

गोंडा में तीन दिन चली रेड: ₹1.13 करोड़ की नशीली दवाएं सीज

गोंडा के बरियारपुरवा इलाके में एफएसडीए की टीम ने लगातार 3 दिनों तक कार्रवाई करते हुए 3 अवैध गोदामों को सील किया।

7 पर FIR दर्ज, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

एफएसडीए ने नेटवर्क के मुख्य सरगना भूपेंद्र शर्मा, गुर्जर, प्रयागराज के वीरू सिंह चौहान और सीतापुर के रिहान समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस और एफएसडीए की संयुक्त टीमें इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य तस्करों और मेडिकल स्टोर संचालकों की धरपकड़ में जुटी हैं।

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