काराकास/वॉशिंगटन। नए साल की शुरुआत में ही फिर अंतराष्ट्रीय टेंशन शुरू हो गया है। वेनेजुएला में बड़ा सियासी भूचाल: अमेरिकी हवाई हमलों से दहला काराकास, सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज हैं । वेनेजुएला की राजधानी काराकास शुक्रवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) अमेरिकी हवाई हमलों से दहल उठी। अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने देश के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इन हमलों के बीच अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज, डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाए जाने का दावा
वेनेजुएला में सत्ता को लेकर बड़ी राजनीतिक उठापटक के बीच खोजी पत्रकार लौरा लूमर ने शनिवार को दावा किया कि देश की मौजूदा उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को जल्द ही अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया जा सकता है।
लूमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सूत्रों के हवाले से लिखा कि अमेरिका द्वारा किए गए बड़े सैन्य अभियान के बाद देश में सत्ता शून्यता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
उनके अनुसार, अमेरिकी विशेष बलों द्वारा राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक ढांचा अस्थिर हो गया है, जिसे संभालने के लिए डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम नेतृत्व सौंपने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, वेनेजुएला सरकार या किसी आधिकारिक संस्थान की ओर से इस दावे की अब तक पुष्टि नहीं की गई है।
रूस ने अमेरिकी कार्रवाई को बताया सशस्त्र आक्रामकता
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी हमलों को ‘सशस्त्र आक्रामकता’ करार देते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है।
शनिवार को टेलीग्राम पर जारी बयान में रूस ने कहा कि वेनेजुएला को बिना किसी बाहरी, विशेषकर सैन्य हस्तक्षेप के, अपने भविष्य का निर्धारण करने का पूरा अधिकार है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी प्रकार का दबाव या सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सिद्धांतों का उल्लंघन है। मॉस्को ने चेतावनी दी कि ऐसे कदम क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर तनाव को और भड़का सकते हैं।
रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हालात बिगड़ने से रोकने के लिए संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की है। साथ ही, उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि लैटिन अमेरिका को शांति का क्षेत्र बनाए रखना बेहद जरूरी है।
अमेरिका ने मादुरो पर क्या आरोप लगाए हैं?
अमेरिका के न्याय विभाग ने वर्ष 2020 में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर नार्को-आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान दायर अभियोगों में दावा किया गया था कि मादुरो और उनके करीबी सहयोगियों ने वेनेजुएला को मादक पदार्थ तस्करों और आतंकी संगठनों के हित में संचालित एक आपराधिक नेटवर्क में तब्दील कर दिया।
अमेरिकी अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए अरबों डॉलर की अवैध कमाई की गई। उस समय के अमेरिकी अटॉर्नी जनरल विलियम बार ने मादुरो सरकार को “भ्रष्ट शासन” करार देते हुए कहा था कि यह अमेरिका और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
