India-Pakistan Ceasefire LIVE: DG एयर ऑपरेशन बोले – पाकिस्तान चीन के हथियारों से लड़ रहा था, सभी हुए फेल।इंडियन आर्मी के तीनों सेना प्रमुख ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत पाकिस्तान के बीच बनी मौजूदा स्थिति पर जानकारी देने के लिए प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। प्रेस ब्रीफिंग में एयर मार्शल एके भारती ने कहा, “हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों के खिलाफ है, इसलिए हमने पहले आतंकवादियों के ठिकानों पर ही हमला किया था. लेकिन पाकिस्तान ने आतंकवादियों का साथ देना उचित समझा. इसलिए पाकिस्तान ने इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना ली इसलिए उनको जवाब देना जरूरी था।
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भारत और पाकिस्तान के बीच बीते कई दिनों से जारी तनाव अब धीरे-धीरे शांत हो रहा है। सेना के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में बीती रात गोलाबारी की कोई घटना नहीं हुई, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने के बाद पहली शांत रात थी। भारतीय सेना ने बताया कि नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी कोई गोलीबारी दर्ज नहीं की गई है। इस बीच, भारतीय DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई आज अपने पाकिस्तानी समकक्ष, मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला से बातचीत करेंगे। यह दोनों देशों के DGMO के बीच दूसरी औपचारिक बातचीत होगी। 10 मई को भी दोनों अफसरों के बीच फोन पर वार्ता हुई थी, जिसमें सीजफायर पर सहमति बनी थी। हालात में सुधार को लेकर कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कोशिशें जारी हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर पूर्व राजनयिक केपी फैबियन का कहना है कि, ‘एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों ने सामान्य जीवन की वापसी के रूप में संघर्ष विराम का स्वागत किया है, हालांकि कई विशेषज्ञों और नागरिकों को लगा कि पाकिस्तान को और अधिक दंडित किया जाना चाहिए था। कुछ लोगों का मानना है कि पाकिस्तान ने परमाणु धमकी का इस्तेमाल अमेरिकी हस्तक्षेप को मजबूर करने के लिए किया, जिसके कारण युद्ध विराम हुआ। शुरुआती उल्लंघनों के बावजूद युद्ध विराम काफी हद तक कायम है।
पाकिस्तान के साथ बातचीत जरूरी
यह एक लंबी और कठिन राह पर एक सकारात्मक लेकिन छोटा कदम है। मेरा मानना है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत जरूरी है – चाहे कूटनीतिक या तीसरे चैनल के माध्यम से। बातचीत शुरू होने से पहले आतंकवाद को खत्म करने की मांग करना अवास्तविक है, क्योंकि बिना बातचीत के शांति स्थापित करना असंभव है। पाकिस्तान को भारत को गोपनीय रूप से आश्वस्त करना चाहिए कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होने देगा। भारत को इसका स्वागत करना चाहिए, लेकिन आतंकी ढांचे को खत्म करने, गुमराह युवाओं का पुनर्वास करने और जिम्मेदार लोगों को हिरासत में लेने की मांग भी की जानी चाहिए।

