अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियों पर लगी रोक हटाई, एनओसी मांगना भी गलत

अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियों पर लगी रोक हटाई, एनओसी मांगना भी गल

भोपाल, / राज्य शासन ने अवैध कॉलोनियों में संपत्तियों की रजिस्ट्री पर लगाई जा रही रोक को नियम विरुद्ध बताते हुए सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। वाणिज्यिक कर विभाग ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय आवास एवं विकास विभाग की सहमति से यह आदेश जारी किया है।

जारी आदेश में कहा गया है कि कई जिलों में प्रशासन द्वारा अवैध कॉलोनियों के नाम पर जमीनों के क्रय-विक्रय और रजिस्ट्रियों पर मनमाने तरीके से रोक लगाई जा रही थी तथा एनओसी की अनिवार्यता भी लागू की जा रही थी, जो विधिसम्मत नहीं है।

शासन ने स्पष्ट किया है कि नगर पालिका नियम 2021 के नियम-23 का संबंध केवल अवैध कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया से है, इसका रजिस्ट्री या पंजीयन रोकने से कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए रजिस्ट्री से पहले एनओसी मांगना भी गलत माना गया है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि बिना सक्षम प्राधिकारी के न्यायिक या अर्द्धन्यायिक आदेश के किसी भी संपत्ति के क्रय-विक्रय अथवा अंतरण पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। केवल प्रशासनिक आदेश जारी कर रजिस्ट्रियों पर रोक लगाना नियमों के विपरीत है।

शासन ने यह भी दोहराया कि पूर्व में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुके हैं कि संपत्ति का अंतिम मालिकाना हक केवल रजिस्ट्री से तय नहीं होता, बल्कि रजिस्ट्री दस्तावेज सार्वजनिक साक्ष्य के रूप में कार्य करते हैं। ऐसे में पंजीयन विभाग पर अवैध कॉलोनियों की जांच का दायित्व डालना भी उचित नहीं है।

प्रमुख सचिव द्वारा जारी आदेश में सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि अवैध कॉलोनियों के नाम पर रजिस्ट्रियों में अनावश्यक रोक या एनओसी संबंधी शर्तें तत्काल समाप्त की जाएं।

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