लिखना था तो निर्झर लिखते,श्री सरस्वती काव्य मंच की काव्यगोष्ठी में साहित्यकारों ने समा बांधा
लिखना था तो निर्झर लिखते,श्री सरस्वती काव्य मंच की काव्यगोष्ठी में साहित्यकारों ने समा बांध
कटनी।श्री सरस्वती काव्य-मंच के तत्वावधान में रविवार को नदीपार स्थित ओमप्रकाश सरावगी संस्कार सदन निशुल्क विद्यालय में काव्यगोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के संयोजक सतीश आनन्द एवं आमंत्रित साहित्यकारों ने इस अवसर पर नगर प्रतिष्ठित लोकप्रिय कवि श्रेष्ठ मनोहर मनोज के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दी।
काव्य-गोष्ठी डा.एस के खंपरिया के मुख्यातिथ्य-पं.राम खेलावन गर्ग की अध्यक्षता एवं समाजसेवी अजय सरावगी.रंजनीश शर्मा के विशिष्ट आतिथ्य में गरिमामयी माहौल में आयोजित की गयी।कार्यक्रम का संचालन श्री सरस्वती काव्य-मञ्च के अध्यक्ष सतीश आनन्द एवं संचालन-श्री जितेन्द्र पटवा नीरस ने किया।
कार्यक्रम में अतिथिजनों ने मां वीणापाणि के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर काव्यगोष्ठी का शुभारंभ किया।कवि चंद्र किशोर चंदन ने सरस्वती वंदना के षाथ काव्यगोष्ठी का आगाज किया तथा मार्मिक गजल से कार्यक्रम को गरिमामयी बनाया।
साहित्यकार मनोहर मनोज के पौत्र बालकवि कान्हा तिवारी ने झांसी की रानी पर आधारित कविता की शानदार प्रस्तुति दी।स्व कवि मनोज आनंद के पुत्र
यश आनन्द ने मनोज अनंद के मुक्तक की बेहतरीन प्रस्तुति दी।काव्यगोष्ठी में अथर्व तिवारी प्रियांशु तिवारी पवन समीर अनिल मिश्रा राजेश प्रखर अजय सिंह बघेल राजेन्द्र ठाकुर विष्णु बाजपेई रवींद्र रवि चंद्र किशोर श्रीवास्तव चंदन जितेंद्र पटवा नीरस तेजस्वी अवस्थी,हरदोई अभिराम सिंह एटा से भवानी तिवारी सतीश आनन्द रामखेलावन गर्ग मनोहर मनोज डा.एसके खंम्परिया ने हास्य व्यंग्य ओज गीत गजल की प्रस्तुति से समां बांधा।कार्यक्रम के अंत में
सतीश आनन्द ने आभार व्यक्त किया.स्वल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
इस मौके पर भवानी तिवारी ने हास्य व्यंग्य शिल्पी मनोहर मनोज के सर्वश्रेष्ठ गीत लिखना था तो निर्झर लिखते की शानदार प्रस्तुति से शुभकामना संदेश दिया।