Exclusive: MP कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट! मंत्री लखन पटेल से अचानक छिना पशुपालन विभाग, कमान अब खुद CM मोहन के हाथ
Exclusive: MP कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट! मंत्री लखन पटेल से अचानक छिना पशुपालन विभाग, कमान अब खुद CM मोहन के हाथ
Exclusive: MP कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट! मंत्री लखन पटेल से अचानक छिना पशुपालन विभाग, कमान अब खुद CM मोहन के हाथ
भोपाल/कटनी: मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक गलियारों से आज (15 जुलाई) की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बेहद चौंकाने वाले फैसले के तहत राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल का कद छोटा करते हुए उनसे उनका मुख्य विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस ले लिया है। देर रात जारी सरकारी गजट अधिसूचना के अनुसार, इस विभाग की कमान अब खुद मुख्यमंत्री संभालेंगे, जबकि लखन पटेल के पास अब सिर्फ आनंद विभाग की जिम्मेदारी रहेगी।
विश्लेषण: अचानक डिमोशन के पीछे परफॉर्मेंस या कोई बड़ी वजह?
हालांकि सरकार की तरफ से विभाग वापस लेने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन मंत्रालय (वल्लभ भवन) के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इसके पीछे कई अहम वजहें मानी जा रही हैं: Exclusive: MP कैबिनेट में बड़े फेरबदल की आहट! मंत्री लखन पटेल से अचानक छिना पशुपालन विभाग, कमान अब खुद CM मोहन के हाथ
परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पिछले कुछ दिनों से सभी मंत्रियों के विभागों की गहन समीक्षा कर रहे हैं। चूंकि सरकार चालू वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है, ऐसे में पशुपालन और डेयरी विकास जैसे जमीनी विभाग में अपेक्षित गति न मिल पाना इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है।
बड़े फेरबदल के संकेत: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लखन पटेल से विभाग छीना जाना महज एक शुरुआत है। आगामी दिनों में मोहन यादव कैबिनेट में एक बड़ा प्रशासनिक और राजनैतिक फेरबदल (Cabinet Reshuffle) देखने को मिल सकता है, जिसमें कई मंत्रियों के विभागों में बदलाव संभावित है।
बैंकिंग छोड़ सियासत में आए लखन पटेल का चुनावी सफरनामा
दमोह जिले की पथरिया विधानसभा सीट से विधायक लखन पटेल बीजेपी के काफी वरिष्ठ नेता हैं। राजनीति में आने से पहले वे स्टेट बैंक (SBI) में एक जिम्मेदार अधिकारी थे और कृषि क्षेत्र (B.Sc. Agriculture) की गहरी समझ रखते हैं:
चुनाव वर्ष
विधानसभा क्षेत्र
मुकाबला / परिणाम
जीत-हार का अंतर
2013
पथरिया (दमोह)
कुंवर पुष्पेंद्र सिंह (कांग्रेस) को हराया
7,315 वोट से जीते
2018
पथरिया (दमोह)
रामबाई सिंह (बसपा) से पराजित हुए
2,205 वोट से हारे
2023
पथरिया (दमोह)
राव ब्रजेंद्र सिंह (कांग्रेस) को शिकस्त दी
18,159 वोट से जीते
मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार, जो काम मिला है उसे करेंगे: लखन पटेल
इस पूरे सियासी उलटफेर के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं। वहीं, पूरे मामले पर लखन पटेल ने सधे हुए अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किस मंत्री को कौन सा विभाग देना है या वापस लेना है, यह पूरी तरह से मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। संगठन और सरकार ने उन्हें अब ‘आनंद विभाग’ के जरिए जनता को आनंदित रखने की जो जिम्मेदारी सौंपी है, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
बहरहाल, एक महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री के पास चले जाने से अब महाकौशल और बुंदेलखंड के सियासी समीकरणों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।