Datia Bypoll Results: चार राउंड के बाद कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने बनाई बढ़त-बीजेपी के आशुतोष तिवारी पिछड़े; जानें क्यों अहम हैं ये नतीजे
दतिया: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना (Datia Assembly Bypoll Counting) में मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। मतगणना के शुरुआती दौर और डाक मतपत्रों की गिनती में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने बढ़त हासिल की थी, लेकिन चार राउंड की गिनती पूरी होने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने वापसी करते हुए मजबूत बढ़त बना ली है।
यद्यपि इस उपचुनाव के नतीजे से मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के बहुमत या अस्तित्व पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, फिर भी दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव साख का सवाल बन चुका है।
बीजेपी के लिए चिंता, कांग्रेस में अंदरूनी कलह
-
बीजेपी के लिए इम्तिहान: तीन बार के विधायक और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर युवा चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने का फैसला बीजेपी के लिए बड़ी परीक्षा है। अगर बीजेपी यह सीट गंवाती है, तो मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व और संगठन के फैसले पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
-
कांग्रेस की गुटबाजी सतह पर: उपचुनाव के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को जब पार्टी से बाहर किया गया, तो उन्होंने सार्वजनिक तौर पर मौजूदा कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह पर ‘बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने’ का गंभीर आरोप लगा दिया। भारती ने यह भी ऐलान किया है कि वे 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव में अपना दमखम दिखाएंगे।
क्यों हुआ दतिया में उपचुनाव?
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने दतिया से जीत दर्ज कर तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। हालांकि, एक पुराने वित्तीय/कानूनी मामले में सजा मिलने के कारण राजेंद्र भारती की विधायकी रद्द कर दी गई।
सजायाफ्ता होने के कारण भारती चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए थे। दूसरी तरफ बीजेपी ने भी अपने कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को मौका दिया। वहीं कांग्रेस ने पूर्व विधायक रहे अनुभवी नेता घनश्याम सिंह पर दांव खेला।
2028 के आम चुनावों का सेमीफाइनल!
मध्य प्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी और शिवराज सिंह चौहान की जगह डॉ. मोहन यादव को कमान सौंपी गई थी। वर्ष 2028 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव मोहन यादव के कार्यकाल का मुख्य टेस्ट होंगे। वहीं 2018 में अल्पकालिक सरकार बनाने वाली कांग्रेस 2028 में फिर से राज्य में वापसी की जमीन तलाश रही है। ऐसे में दतिया उपचुनाव का परिणाम भले ही विधानसभा का गणित न बदले, लेकिन प्रदेश की राजनीति का मिजाज तय करने का काम करेगा।

