Coal Scam Verdict: कोयला घोटाले में SECL के 4 अधिकारियों को कड़क सजा; CBI स्पेशल कोर्ट ने सुनाया कारावास और जुर्माने का विधिक फैसला

Coal Scam Verdict: कोयला घोटाले में SECL के 4 अधिकारियों को कड़क सजा; CBI स्पेशल कोर्ट ने सुनाया कारावास और जुर्माने का विधिक फैसला

Coal Scam Verdict: कोयला घोटाले में SECL के 4 अधिकारियों को कड़क सजा; CBI स्पेशल कोर्ट ने सुनाया कारावास और जुर्माने का विधिक फैसला

बिलासपुर/अनूपपुर: देश के बहुचर्चित कोयला घोटालों की कड़ी में एक बहुत बड़ा और कड़क विधिक फैसला सामने आया है। सीबीआई (CBI) के विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता की अदालत ने एसईसीएल (SECL – साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के चार तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों को कोयला घोटाले का विधिक रूप से मुख्य आरोपित और दोष सिद्ध पाया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चारों दोषियों को कड़क कारावास (जेल) के साथ-साथ आर्थिक जुर्माने से दंडित करने का विधिक आदेश सुनाया है।

 दोषियों के नाम और अदालत द्वारा तय किया गया सजा का विन्यास

सीबीआई की विशेष अदालत ने चारों आरोपित अधिकारियों के पदानुक्रम और अपराध में संलिप्तता के विधिक आधार पर दो अलग-अलग श्रेणियों में कड़क सजा का निर्धारण किया है:

जांच का विन्यास: कैसे पकड़ा गया 11,382 मीट्रिक टन कोयले का यह कड़ा घोटाला?

अदालत की इस विधिक कार्यवाही के दौरान सीबीआई (CBI) की ओर से विशेष अभियोजक (Special Prosecutor) संजय उपाध्याय ने कड़ाई से सरकार का पक्ष और अकाट्य दलीलें रखीं। उन्होंने केस की पृष्ठभूमि का विधिक विन्यास समझाते हुए बताया:

  1. गुप्त सूचना और संयुक्त कार्रवाई: सीबीआई को एसईसीएल के हसदेव एरिया के अंतर्गत आने वाली बहेराबन्द भूमिगत खदान (जिला अनूपपुर, म.प्र.) में कोयले के स्टॉक में बड़े पैमाने पर हेराफेरी और घोटाले के संबंध में पुख्ता जानकारी मिली थी।

  2. औचक और संयुक्त निरीक्षण: सूचना के विधिक सत्यापन के लिए एसईसीएल बिलासपुर के सतर्कता विभाग (Vigilance Department) तथा सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त टीम (Joint Team) का गठन किया गया। इस टीम ने बहेराबन्द भूमिगत खान के अनुमोदित कोल स्टॉक यार्ड में जाकर कोयले की भौतिक उपलब्धता का कड़ा भौतिक व संयुक्त निरीक्षण किया।

  3. करोड़ों का कोयला गायब: जब टीम ने रिकॉर्ड बुक और जमीन पर मौजूद कोयले का मिलान किया, तो एक बहुत बड़ी विसंगति सामने आई। बहेराबन्द कोल स्टॉक यार्ड में बुक स्टॉक (कागजी रिकॉर्ड) की तुलना में लगभग 11,382 मीट्रिक टन कोयले की मात्रा कम (गायब) पाई गई।

कागजों और हकीकत के इसी कड़े अंतर के बाद जांच एजेंसी द्वारा सभी आरोपित अधिकारियों के विरुद्ध विधिक रूप से भ्रष्टाचार और जालसाजी का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें आज कोर्ट ने अपना अंतिम और कड़क फैसला सुना दिया है।

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