दतिया उपचुनाव में उपद्रव: BJP के प्रचार वाहन पर हमला, बैनर-पोस्टर फाड़े; आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज
दतिया उपचुनाव में उपद्रव: BJP के प्रचार वाहन पर हमला, बैनर-पोस्टर फाड़े; आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज
दतिया उपचुनाव में उपद्रव: BJP के प्रचार वाहन पर हमला, बैनर-पोस्टर फाड़े; आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज
दतिया उपचुनाव में उपद्रव: BJP के प्रचार वाहन पर हमला, बैनर-पोस्टर फाड़े; आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज
दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया जिले में विधानसभा उपचुनाव के गरमाए माहौल के बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चुनाव प्रचार वाहन को निशाना बनाते हुए उस पर हमला किया गया और लगे हुए बैनर-पोस्टर फाड़ दिए गए। इस घटना के बाद इलाके में भारी हंगामा देखने को मिला।
यह पूरी घटना दतिया के जिगना थाना क्षेत्र अंतर्गत उदगवां ग्राम की है।
क्या है आरोप: आरोप लगाया गया है कि आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की जनसभा से लौट रहे अज्ञात कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रचार वाहन को घेरकर हंगामा किया और उसमें तोड़फोड़ कर पोस्टरों को फाड़ डाला।
पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने शिकायत के आधार पर आजाद समाज पार्टी के अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ जिगना थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दतिया में क्यों हो रहा है हाई-प्रोफाइल उपचुनाव?
दतिया में यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के कारण हो रहा है, जिन्हें धोखाधड़ी के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद अपनी विधायकी गंवानी पड़ी थी।
मतदान व नतीजे: उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा, जबकि नतीजे 3 अगस्त 2026 को घोषित किए जाएंगे।
सियासी समीकरण: साल 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा इस सीट से हार गए थे। इस बार भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी पर दांव खेला है, जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।
यह उपचुनाव दोनों ही प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है:
बीजेपी की ताकत: नरोत्तम मिश्रा खुद टिकट कटने के बावजूद पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज नेताओं ने भी मोर्चा संभाल रखा है।
कांग्रेस का दांव: कांग्रेस अपनी जीती हुई सीट को बचाने के लिए घर-घर संपर्क और मोहल्ला बैठकों के जरिए मतदाता से सीधे जुड़ने में जुटी है।
30 जुलाई के मतदान से ठीक पहले हुई इस हिंसक झड़प और तोड़फोड़ ने दतिया का राजनीतिक पारा और ज्यादा चढ़ा दिया है।